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जमशेदपुर नाइट क्लब हत्याकांड: थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मी निलंबित, बार सील

जमशेदपुर, 30 जून (आईएएनएस)। जमशेदपुर के बहुचर्चित डबल डाउन (डीडी) पब एंड बार हत्याकांड में मंगलवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने डबल डाउन पब एंड बार को भी सील कर दिया है।
 

जमशेदपुर, 30 जून (आईएएनएस)। जमशेदपुर के बहुचर्चित डबल डाउन (डीडी) पब एंड बार हत्याकांड में मंगलवार को बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए बिष्टुपुर थाना प्रभारी समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया। जिला प्रशासन ने डबल डाउन पब एंड बार को भी सील कर दिया है।

करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह की सोमवार देर शाम मौत के बाद भड़के जनआक्रोश और घटना के सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठे हैं। विपक्षी नेताओं ने भी मामले को राज्य की कानून-व्यवस्था की विफलता बताया है।

जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इससे पहले पीसीआर वैन में तैनात दो एएसआई और एक कांस्टेबल को भी निलंबित किया जा चुका था। पुलिस निरीक्षक निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।

उधर, उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर डबल डाउन पब एंड बार को सील कर दिया गया है। बार के लाइसेंस, सुरक्षा व्यवस्था, सीसीटीवी फुटेज, कर्मचारियों की भूमिका और आबकारी नियमों के अनुपालन की जांच के आदेश दिए गए हैं।

पुलिस ने बार संचालक एवं भाजपा नेता नीरज सिंह समेत 10-11 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की है। अब तक सोनू राम सरदार, राज लोहार सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि अन्य की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।

विधि-व्यवस्था के एडीजी मनोज कौशिक ने भी मंगलवार को जमशेदपुर पहुंचकर मामले की समीक्षा की और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए। यह मामला 27 जून की देर रात डबल डाउन पब एंड बार में हुए विवाद से जुड़ा है।

पुलिस के अनुसार, पब के भीतर कुछ युवकों द्वारा युवतियों के साथ कथित छेड़खानी का करणी सेना के युवा नेता हिमांशु सिंह और उनके साथी प्रत्युष आनंद ने विरोध किया था। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ गया। पब से बाहर निकलने के बाद स्थिति हिंसक हो गई।

जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार, पुलिस की पीसीआर वैन मौके पर पहुंचने के बाद हिमांशु और प्रत्युष सुरक्षा के लिए वाहन में बैठ गए थे। आरोप है कि हमलावरों ने पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में ही दोनों को वाहन से बाहर खींच लिया और चाकू तथा चापड़ जैसे धारदार हथियारों से हमला कर दिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है।

गंभीर रूप से घायल दोनों युवकों को टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) में भर्ती कराया गया, जहां सोमवार को इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई। प्रत्युष आनंद का इलाज जारी है। हिमांशु की मौत के बाद सोमवार शाम शहर में व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था।

करणी सेना के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने बिष्टुपुर गोलचक्कर को करीब छह घंटे तक जाम रखा। प्रदर्शन के दौरान सिटी एसपी ललित मीणा के सरकारी वाहन पर भी हमला किया गया, जिसमें वाहन के शीशे क्षतिग्रस्त हो गए।

घटना को लेकर जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इसे कानून-व्यवस्था की गंभीर विफलता बताया। पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि यदि अपराधी पुलिस वाहन के सामने इस तरह हमला कर सकते हैं तो यह आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता का विषय है।

--आईएएनएस

एसएनसी/एएसएच