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जमशेदपुर में 734 करोड़ के जीएसटी फर्जीवाड़े में कारोबारी ज्ञानचंद और बेटा गिरफ्तार

जमशेदपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब 734 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने बुधवार को जमशेदपुर, आदित्यपुर, गम्हरिया और कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद देर रात दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों की चिकित्सकीय जांच कराने के बाद ईडी की टीम उन्हें रांची ले आई है। उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
 

जमशेदपुर, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करीब 734 करोड़ रुपये के कथित जीएसटी फर्जीवाड़े से जुड़े मामले में जमशेदपुर के कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल और उनके बेटे राज जायसवाल को गिरफ्तार किया है। ईडी ने बुधवार को जमशेदपुर, आदित्यपुर, गम्हरिया और कोलकाता में कई ठिकानों पर छापेमारी के बाद देर रात दोनों को गिरफ्तार किया। दोनों की चिकित्सकीय जांच कराने के बाद ईडी की टीम उन्हें रांची ले आई है। उन्हें गुरुवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

ईडी के अनुसार, मामले में फर्जी बिलों के जरिए बिना सामान की वास्तविक खरीद-बिक्री के इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने का आरोप है। एजेंसी इस पूरे मामले में फर्जी कंपनियों के जरिए हुए लेन-देन और उससे जुड़े धन के प्रवाह की भी जांच कर रही है। बुधवार की कार्रवाई के दौरान ईडी ने ज्ञानचंद जायसवाल से जुड़े परिसरों के अलावा उनके ऑडिटर संजय पारेख और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर भी तलाशी ली।

टीम ने कारोबारी दस्तावेज, जीएसटी से जुड़े रिकॉर्ड, बैंकिंग और वित्तीय लेन-देन के कागजात तथा इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की। ईडी की यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत की गई। जांच एजेंसी को संदेह है कि फर्जी कंपनियों और कागजी कारोबार के जरिए बड़े पैमाने पर आईटीसी का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया गया। मामले की शुरुआती जांच जीएसटी खुफिया महानिदेशालय (डीजीजीआई), जमशेदपुर ने की थी। जांच में फर्जी कंपनियों और फर्जी चालानों के जरिए आईटीसी लेने का मामला सामने आया था।

झारखंड हाईकोर्ट के 2024 के एक आदेश के अनुसार, ज्ञानचंद जायसवाल को जून 2024 में जीएसटी कानून के तहत दर्ज मामले में गिरफ्तार किया गया था और बाद में उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। ईडी की जांच में इस नेटवर्क से जुड़ी कई कंपनियों और फर्जी लेन-देन का भी पता चलने की बात कही गई है।

एजेंसी ने 2025 में इस मामले से जुड़े जमशेदपुर और कोलकाता के कुछ अन्य कारोबारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की थी। ईडी अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ कर कथित फर्जी जीएसटी लेन-देन और उससे जुड़े धन के प्रवाह की जानकारी जुटा रही है।

--आईएएनएस

एसएनसी/पीएम