जामनगर में स्वास्थ्य, पोषण और जागरूकता गतिविधियों से 2,500 से अधिक लोग लाभान्वित
जामनगर, 23 सितंबर (आईएएनएस)। गुजरात के जामनगर में आयुर्वेद शिक्षण और अनुसंधान संस्थान (आईटीआरए) 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर जन-जागरूकता, स्वास्थ्य देखभाल, अनुसंधान और वैज्ञानिक गतिविधियों की एक महीने की श्रृंखला आयोजित कर रहा है। इन गतिविधियों में आयुर्वेद, स्वस्थ जीवनशैली, पोषण, निवारक स्वास्थ्य देखभाल और वैज्ञानिक अनुसंधान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।
ये गतिविधियां आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री-स्वतंत्र प्रभार प्रतापराव जाधव और आयुष मंत्रालय के सचिव पद्मश्री वैद्य राजेश कोटेचा के मार्गदर्शन में तथा आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी के प्रयासों से आयोजित की जा रही हैं।
इन कार्यक्रमों में स्वास्थ्य जांच शिविर, पोषण जागरूकता कार्यक्रम, चिकित्सा शिविर, वरिष्ठ नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाएं, स्कूलों और आंगनबाड़ियों में कार्यक्रम, औषधीय पौधों का रोपण, वैज्ञानिक प्रशिक्षण, शोध प्रस्तुतियां और कार्यशालाएं शामिल हैं। ये गतिविधियां स्कूलों, आंगनवाड़ियों, वृद्धाश्रमों, बालिका गृहों, शिक्षण संस्थानों, सशस्त्र बलों के प्रतिष्ठानों और औद्योगिक क्षेत्रों में आयोजित की गई हैं।
अब तक कम से कम 2,577 लोग इन गतिविधियों में शामिल हुए हैं। 7 से 22 सितंबर तक सेना, वायुसेना, नौसेना और सीआईएसएफ के प्रतिष्ठानों, शिक्षण संस्थानों, महिला संस्थानों और औद्योगिक प्रतिष्ठानों में स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके अलावा 11 सार्वजनिक स्थानों पर आयुर्वेदिक आहार के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए गए।
आईटीआरए ने शोध प्रस्तुतियों, प्रयोगशाला गुणवत्ता नियंत्रण प्रशिक्षण, क्यूआक्ससेल कनेक्ट प्रदर्शन और प्रशिक्षण, माइक्रोबायोम कार्यशाला और कायाप्रबोधिनी वेबिनार सहित वैज्ञानिक और शैक्षणिक गतिविधियां भी आयोजित की हैं।
युवाओं के लिए 'एंशिएंट स्टेपल, मॉडर्न प्लेट' रील प्रतियोगिता, युवा संसद, स्टूडेंट एंबेसडर कार्यक्रम, राष्ट्रीय निबंध और ई-पोस्टर प्रतियोगिताएं, रन फॉर आयुर्वेद, मास्टर शेफ कुकिंग प्रतियोगिता तथा आयुर्वेद में नए मीडिया और डिजिटल संचार पर संगोष्ठी आयोजित की जा रही हैं।
आईटीआरए की निदेशक प्रोफेसर डॉ. तनुजा नेसरी ने कहा कि आयुर्वेद दिवस अभियान में स्वास्थ्य, पोषण, अनुसंधान, शिक्षा, पर्यावरण और युवाओं की भागीदारी को एक साथ लाया गया है। इसका उद्देश्य आयुर्वेद को स्वास्थ्य के समग्र और निवारक दृष्टिकोण के रूप में बढ़ावा देना है।
--आईएएनएस
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