जम्मू के लिए सरकार गंभीर नहीं, कोई इसे बचाना नहीं चाहता : दविंदर चौधरी
जम्मू, 13 अगस्त (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर ट्रांसपोर्ट वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष दविंदर चौधरी ने जम्मू क्षेत्र के विकास, पर्यटन और अमरनाथ यात्रा के प्रबंधन को लेकर सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा ध्यान कश्मीर को हाईलाइट करने पर रहता है, जबकि जम्मू की लगातार उपेक्षा की जा रही है।
दविंदर चौधरी ने अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले बर्फ के शिवलिंग के महज 8-10 दिनों में पिघलकर समाप्त हो जाने पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यह श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़ा विषय है और इसका जम्मू-कश्मीर के पर्यटन व स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने आईएएनएस से बातचीत में कहा कि अगर यात्रा के दौरान बाबा के दर्शन ही नहीं हो पाएंगे, तो लोगों की भावनाएं आहत होंगी।
उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को दर्शन व्यवस्था के लिए उचित नियम बनाने चाहिए। श्रद्धालुओं के लिए एक निश्चित दूरी तय की जा सकती है, जहां से वे बाबा बर्फानी के दर्शन कर सकें। इस साल यात्रा कुल मिलाकर शांतिपूर्ण रही और इसके लिए उन्होंने सरकार तथा सुरक्षाबलों का धन्यवाद किया। हालांकि, उन्होंने यात्रा के प्रबंधन को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से व्यवस्थाओं पर दबाव बढ़ गया। अमरनाथ यात्रा से जम्मू के हजारों लोगों की पूरे साल की उम्मीदें जुड़ी रहती हैं। होटल, टैक्सी, ट्रांसपोर्ट, दुकानदारी और अन्य छोटे-बड़े कारोबार यात्रा के दौरान मिलने वाले रोजगार पर निर्भर रहते हैं।
चौधरी ने कहा कि यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या को लेकर बेहतर प्रबंधन और एक तय सीमा होनी चाहिए थी। अगर प्रतिदिन सीमित संख्या में श्रद्धालुओं को यात्रा की अनुमति दी जाती, तो यात्रा अधिक समय तक चल सकती थी और स्थानीय कारोबारियों को भी ज्यादा लाभ मिलता। हम पूरे साल इस यात्रा का इंतजार करते हैं। इसी दौरान होने वाली कमाई से कई लोगों का कारोबार चलता है। इस साल भी अमरनाथ यात्रा से काफी उम्मीदें थीं, लेकिन जिस तरह से प्रबंधन हुआ, उससे स्थानीय कारोबारियों की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
दविंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, लेकिन विकास और पर्यटन के मामले में जम्मू को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। उन्होंने दावा किया कि बजट और विकास परियोजनाओं में जम्मू की हिस्सेदारी बेहद कम है। सरकारों का नजरिया हमेशा यही रहा है कि कश्मीर को कैसे ज्यादा हाईलाइट किया जाए। जम्मू को आखिर क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। जम्मू शहर में पर्यटन विभाग की तरफ से पर्याप्त प्रचार-प्रसार तक नहीं दिखता। जम्मू को भी समान रूप से विकास और पर्यटन का लाभ मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारा सवाल सिर्फ इतना है कि जम्मू को उसका हक क्यों नहीं मिल रहा? जम्मू के पर्यटन, कारोबार और विकास पर भी गंभीरता से काम होना चाहिए। सरकार को जम्मू को बचाने और आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।
--आईएएनएस
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