जम्मू-कश्मीर: सरकारी फंड में गबन और अवैध नियुक्ति मामले में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
श्रीनगर, 2 जनवरी (आईएएनएस)। श्रीनगर में क्राइम ब्रांच के इकोनॉमिक ऑफेंस विंग ने सरकारी फंड के गबन और अवैध नियुक्तियों से जुड़े एक बड़े भ्रष्टाचार मामले में 108 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
आरोपियों में 15 एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, 6 असिस्टेंट अकाउंट्स ऑफिसर, 1 अकाउंट्स असिस्टेंट, 6 हेड असिस्टेंट, 4 सीनियर असिस्टेंट और अन्य कर्मचारी शामिल हैं, जो इलेक्ट्रिक डिवीजन सुंबल में तैनात थे। मुख्य अरागाम, बांदीपोरा निवासी आरोपी मुश्ताक अहमद मलिक इस रैकेट का प्रमुख है। अन्य लोगों की तलाश की जा रही है।
चार्जशीट में जम्मू-कश्मीर बैंक, ब्रांच सुंबल सोनावारी के 25 अधिकारियों और कर्मचारियों के अलावा 46 फर्जी कर्मचारियों के नाम भी शामिल किए गए हैं, जिन्हें अवैध रूप से नियुक्त किया गया था। इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब विश्वसनीय जानकारी मिली कि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर ने अन्य अधिकारियों और बैंक कर्मचारियों के साथ मिलकर सरकारी खातों से करोड़ों रुपए निकाले और फर्जी नियुक्तियों में मदद की।
अधिकारियों ने बताया कि जांच में मुख्य आरोपी मुश्ताक अहमद मलिक से करोड़ों रुपए बरामद किए गए, जो सरकारी खजाने में जमा कर दिए गए हैं। इसके अलावा मलिक के विभिन्न बैंक खातों में बड़ी रकम ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ है, जिसमें बचत खाते, फिक्स्ड डिपॉजिट और जमा ब्याज भी शामिल हैं। जांच के बाद धीमे-धीमे सभी आरोपियों की पहचान होती गई। यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इन लोगों के संपर्क में और कौन-कौन अधिकारी हैं।
उन्होंने बताया कि यह मामला विश्वसनीय जानकारी मिलने के बाद दर्ज किया गया था कि ड्राइंग एंड डिसबर्सिंग ऑफिसर ने विभाग के अन्य अधिकारियों और बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर सरकारी खातों से करोड़ों रुपये धोखाधड़ी से निकाले और फर्जी नियुक्तियों में मदद की। जांच में बड़े पैमाने पर अपराधों का पता चला, जिसमें सरकारी फंड का दुरुपयोग भी शामिल है।
सरकार ने आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दे दी है और अब मामले में न्यायिक फैसले के लिए चार्जशीट सक्षम अदालत में प्रस्तुत कर दी गई है। यह चार्जशीट स्पेशल जज, एंटी-करप्शन, बारामूला की अदालत में दायर की गई है।
--आईएएनएस
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