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जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए केंद्र सरकार से लगातार मिल रहा फंड: सांसद सत पॉल शर्मा

श्रीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बातें रखीं और सभी विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।
 

श्रीनगर, 15 अगस्त (आईएएनएस)। भाजपा के राज्यसभा सांसद सत पॉल शर्मा ने विभिन्न मुद्दों को लेकर अपनी बातें रखीं और सभी विपक्षी दलों को भी आड़े हाथों लिया।

सत पॉल शर्मा ने शनिवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अन्य केंद्रीय मंत्रियों की ओर से जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए लगातार पैसा जारी किया जा रहा है। उनमें यह बिल्कुल भी नहीं है कि वहां जम्मू-कश्मीर नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार है। उनके मन में यही है कि हर हाल में जम्मू-कश्मीर की जनता का भला हो और उसके साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव न हो। इसी को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से लगातार जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए पैसा भेजा जा रहा है।

उनके मुताबिक, आजादी के समय लगातार उसी मांग का जिक्र किया जा रहा है। प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री ने यह बात फ्लोर पर कही है कि हम उचित समय आने पर जरूर जवाब देंगे। इन तमाम स्थिति को ध्यान में रखते हुए मैं कुल मिलाकर यही कहूंगा कि हमें देश के प्रधानमंत्री पर पूरा भरोसा है।

साथ ही, उन्होंने कहा कि जो लोग देश के विभाजन को उचित ठहराते हैं, उन्हें 14 अगस्त की तारीख को हमेशा याद रखना चाहिए। विभाजन की विभीषिका को हमें हमेशा याद रखना चाहिए। विभाजन के दौरान डेढ़ करोड़ से भी अधिक लोग बेघर हो गए। उनके पास घर भी नहीं थे। उनके पास जो अरबों रुपए की संपत्ति थी, वह चली गई। छह लाख से अधिक लोगों की हत्याएं हो गईं। आखिर अब उसे कौन वापस करेगा? सीएम देंगे या पूर्व के लोग देंगे? आज हमें उन परिस्थितियों को याद रखना होगा। आजादी को हम लोग याद करते ही हैं, लेकिन हमें उस त्रासदी को भी याद रखना चाहिए कि किस तरह लोगों ने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। कितने ही लोगों ने फांसी का फंदा चूम लिया था। यह सब सिर्फ इसलिए किया था कि हमें आजादी मिले।

राज्यसभा सांसद ने कहा कि विभाजन को जो लोग सही ठहराते हैं, वो किसी भी सूरत में सही नहीं हो सकते हैं। विभाजन सिर्फ उन दो लोगों को खुश करने के लिए हुए थे, जो अपने-अपने देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। उन दो नेताओं को खुश करने के लिए देश के टुकड़े हुए, जिसे आज की तारीख में विभाजन कहा जाता है।

--आईएएनएस

एसएचके/डीकेपी