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जम्मू-कश्मीर: ईओडब्ल्यू ने धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

श्रीनगर, 23 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू कश्मीर) ने धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर की अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह मामला करोड़ों रुपए के शॉल खरीद से जुड़ा है।
 

श्रीनगर, 23 जुलाई (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू कश्मीर) ने धोखाधड़ी मामले में चार आरोपियों के खिलाफ श्रीनगर की अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। यह मामला करोड़ों रुपए के शॉल खरीद से जुड़ा है।

आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू कश्मीर) के अनुसार, एक शिकायत के आधार पर जांच शुरू की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि मुख्य आरोपी अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल और उसके सहयोगियों ने शिकायतकर्ता को अधिक मुनाफे का लालच देकर 2.50 करोड़ रुपए से अधिक कीमत के शॉल सप्लाई कराने के लिए राजी किया था, लेकिन बाद में उनका भुगतान नहीं किया।

जांच के दौरान 338 शॉल, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 68 लाख रुपए है, बरामद किए गए। बाद में ईओडब्ल्यू की टीम ने अदालत के निर्देश पर बरामद शॉल शिकायतकर्ता को सौंपे। फिलहाल, इस मामले में मुख्य आरोपी अर्शीद अहमद शोरा समेत सभी चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई है।

आरोपियों में अरशिद अहमद शोरा उर्फ बिलाल के अलावा फिरदौस अहमद मीर, फिरदौस अहमद भट्ट और आफताब अहमद शाह शामिल हैं।

इससे पहले, आर्थिक अपराध शाखा ने एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए की ठगी करने के मामले में चार्जशीट दायर की। मामले की जांच पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने श्रीनगर के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। यह मामला धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) आरपीसी व सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66(डी) के तहत दर्ज किया गया था।

जिन चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई, उनमें नोएडा निवासी मोहित शर्मा और नई दिल्ली निवासी मुकेश कुमार, महमूद खान व रामलखन शामिल हैं।

जांच एजेंसी के अनुसार, कश्मीर घाटी के कई जिलों से शिकायतें मिली थीं कि कुछ लोग एयरपोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एएआई) में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए वसूल रहे हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को भरोसे में लेकर उनसे पैसे लिए गए लेकिन न तो उन्हें नौकरी मिली और न ही उनका पैसा वापस किया गया। आर्थिक अपराध शाखा ने मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान शिकायतकर्ताओं के आरोप सही पाए गए और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी गई।

--आईएएनएस

डीसीएच/