जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों पर डीजीपी ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश
अवंतीपोरा, 7 मार्च (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात ने शनिवार को अवंतीपोरा जिले में सुरक्षा व्यवस्था, आतंकवाद विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को आतंकवाद, नशे के कारोबार व अन्य आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई और तेज करने के निर्देश दिए।
यह समीक्षा बैठक डिस्ट्रिक्ट पुलिस ऑफिस अवंतीपोरा में आयोजित की गई, जिसमें कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में डीजीपी के साथ स्पेशल डीजी कोऑर्डिनेशन एसजेएम गिलानी, आईजीपी कश्मीर जोन वीके बिर्दी और डीआईजी एसकेआर जाविद इकबाल मटू भी शामिल हुए। इसके अलावा बैठक में एसएसपी अवंतीपोरा, एडिशनल एसपी अवंतीपोरा, सभी एसडीपीओ और डीएसपी एसओजी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
बैठक के दौरान डीजीपी नलिन प्रभात ने जिले में मौजूदा सुरक्षा हालात का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने खास तौर पर आतंकवाद विरोधी अभियानों (काउंटर टेरर ऑपरेशन) पर चर्चा की, जिनमें काइनेटिक और नॉन-काइनेटिक दोनों तरह की रणनीतियां शामिल हैं।
इसके साथ ही उन्होंने जिले में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए किए जा रहे प्रयासों की भी समीक्षा की।डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राष्ट्र विरोधी तत्वों, ड्रग्स के नेटवर्क और अपराधियों के खिलाफ अभियान को और तेज किया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे गैरकानूनी कामों में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।
डीजीपी नलिन प्रभात ने पुलिस अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सतर्क, अनुशासित और सक्रिय रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए मजबूत समन्वय, खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई और सक्रिय पुलिसिंग बेहद जरूरी है।
बैठक के अंत में डीजीपी ने अधिकारियों और जवानों के काम की सराहना की और सभी रैंकों के पुलिसकर्मियों से हमेशा सतर्क, अनुशासित और मिशन के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।
--आईएएनएस
वीकेयू/पीयूष
