जामिया में 'फ्री कश्मीर' पोस्टर लगाने वालों पर विश्वविद्यालय प्रशासन पहले करे कार्रवाई : एसपी वैद
जम्मू, 24 अक्टूबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में लगे विवादित पोस्टरों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। इसके साथ ही भारत-चीन रिश्ते और आईटीबीपी के डीजी के बयान पर अपनी राय रखी।
जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी के विवाद पर जम्मू-कश्मीर पुलिस के पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) एसपी वैद ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि फ्री कश्मीर का कोई सवाल नहीं है, वो तो हमारा अटूट अंग है और अंग रहेगा। फ्री सर्जिल का जो पोस्टर लगा, जिस व्यक्ति का पोस्टर लगाया गया है, उसके मामले का फैसला कोर्ट करेगा। न तो आप और न ही मैं, यह तय कर सकते हैं। उस पर देशद्रोह से जुड़े आरोप हैं और जब तक कोर्ट को जरूरी लगेगा, वह हिरासत में रहेगा। यूनिवर्सिटी को पोस्टर लगाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। वाइस-चांसलर समेत यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसमें शामिल लोगों की पहचान करनी चाहिए और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी में जिस तरह से पोस्टर लगे हैं, पोस्टर को लगाने वालों की पहचान कर उन्हें यूनिवर्सिटी से बाहर निकालना चाहिए। पहले यूनिवर्सिटी कार्रवाई करे, उसके बाद पुलिस को आगे आना चाहिए। अगर यूनिवर्सिटी कार्रवाई करने में फेल हो जाती है तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए। कार्रवाई कई मामलों में की जा सकती है, इसके बाद पुलिस मामले को देख सकती है।
पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि भारत में हर चीज में राजनीति शामिल है। हालांकि, जैसा कि आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत सिंह ने बताया कि जुलाई से अरुणाचल प्रदेश में चीन से कई बार आमना-सामना हुआ है, हम सभी जानते हैं कि चीन एक दादागिरी करने वाला देश है और ऐसे देश को उसी की भाषा में जवाब देना पड़ता है। अब भारत को धीरे-धीरे अपनी रणनीति बदलने की जरूरत है। भारत तरक्की कर रहा है लेकिन कुछ ताकतें नहीं चाहतीं कि भारत आगे बढ़े और उनके बराबर खड़ा हो। चाहे वह अमेरिका हो या चीन। चीन दूसरे देशों की जमीन हड़पने की नीति पर चलता है और उसका अपने 21 पड़ोसियों के साथ विवाद चल रहा है।"
उन्होंने कहा कि 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान चीन ने मुख्य रूप से अक्साई चिन (लगभग 38,000 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र) पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया था, जिस पर आज भी चीन का नियंत्रण है। इसके साथ ही उसने तिब्बत पर कब्जा किया हुआ है। मुझे लगता है अब दुनिया को बोलना चाहिए कि आपने गलत तरीके से जो कब्जा किया है, उसको छोड़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि चीन जिस तरह से बोलता है कि तिब्बत और अरुणाचल प्रदेश हमारा है, पहले उसे इसके पीछे का आधार बताना चाहिए। हम कह सकते हैं कि तिब्बत हमारा था, जब वहां के राजा ने इसे हम लोगों को दिया था। आईटीबीपी के डीजी शत्रुजीत सिंह ने वहां के धरातल की जानकारी दी है। इससे ज्यादा कुछ नहीं हुआ है।
अमेरिका में गिरफ्तार हुए हिमांशु भाऊ की गिरफ्तारी पर जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी ने कहा कि अब भारत की एजेंसी वहां जाएंगी और उसे कस्टडी में लेकर आएंगी। इसके बाद उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
--आईएएनएस
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