Aapka Rajasthan

जेम्स रोड्रिगेज: 'करिश्माई गोल' से रातोंरात बनाई थी पहचान, गोल्डन बूट जीत चुके कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की आस

नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। 28 जून, 2014। फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 का रोमांचक मुकाबला। इस मैच में कोलंबिया ने उरुग्वे को 2-0 से हराया था। यह मुकाबला ऐतिहासिक कोलंबिया के एक खिलाड़ी की वजह से बना था। इस खिलाड़ी का नाम जेम्स रोड्रिगेज है। जेम्स ने इस मैच में वह करिश्माई गोल किया था, जिसकी बदौलत वह रातों-रात इंटरनेशनल स्टेज पर मशहूर हो गए थे।
 
जेम्स रोड्रिगेज: 'करिश्माई गोल' से रातोंरात बनाई थी पहचान, गोल्डन बूट जीत चुके कप्तान से फिर ऐतिहासिक प्रदर्शन की आस

नई दिल्ली, 21 मई (आईएएनएस)। 28 जून, 2014। फीफा विश्व कप के राउंड ऑफ 16 का रोमांचक मुकाबला। इस मैच में कोलंबिया ने उरुग्वे को 2-0 से हराया था। यह मुकाबला ऐतिहासिक कोलंबिया के एक खिलाड़ी की वजह से बना था। इस खिलाड़ी का नाम जेम्स रोड्रिगेज है। जेम्स ने इस मैच में वह करिश्माई गोल किया था, जिसकी बदौलत वह रातों-रात इंटरनेशनल स्टेज पर मशहूर हो गए थे।

रोड्रिगेज गोल पोस्ट से काफी दूर खड़े थे और मैच में कोलंबिया की टीम पहले गोल की तलाश में थी। रोड्रिगेज को बेहतरीन पास मिला और उन्होंने गेंद को कंट्रोल करने के लिए पहले अपनी छाती पर लिया और इसके बाद शानदार वॉली मारते हुए गेंद को गोल पोस्ट में पहुंचा दिया था। रोड्रिगेज का यह गोल इतना शानदार था कि विपक्षी टीम के गोलकीपर और कोच भी एक-दूसरे का मुंह देखते रह गए थे। जेम्स रोड्रिगेज को इस गोल के लिए फीफा के 'पुस्कस' पुरस्कार से नवाजा गया था।

इस विश्व कप में रोड्रिगेज ने छह गोल दागे थे, जिसके चलते उन्हें 'गोल्डन बूट' भी मिला था। इस एक करिश्माई गोल और एक विश्व कप ने रोड्रिगेज को विश्व स्तर पर स्टार बना दिया था। वह साल 2002 के बाद वर्ल्ड कप में पांच से उससे अधिक गोल करने वाले रोनाल्डो के बाद महज दूसरे खिलाड़ी बने थे। रोड्रिगेज अटैकिंग मिडफील्डर की भूमिका निभाते हैं और उन्हें अपनी शानदार पासिंग, ड्रिबलिंग और बाएं पैर से दनदनाते हुए गोल करने के लिए जाना जाता है।

12 साल बाद एक बार फिर जेम्स रोड्रिगेज फीफा वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबिया की जर्सी में अपने उसी प्रदर्शन को दोहराना चाहेंगे। साल 2024 में हुए कोपा अमेरिका कप में अपनी कप्तानी में रोड्रिगेज ने कोलंबिया को 23 साल बाद फाइनल तक पहुंचाया था। इस टूर्नामेंट में रोड्रिगेज ने एक गोल करने के साथ-साथ छह असिस्ट (गोल करने में मदद) भी किए थे। रोड्रिगेज को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए 'गोल्डन बॉल' से सम्मानित किया गया था और वह टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी रहे।

रोड्रिगेज ने अपने पेशेवर फुटबॉल करियर की शुरुआत कोलंबिया में एनविगाडो क्लब के साथ की थी। इसके बाद वह अर्जेंटीना की बैनफील्ड टीम में शामिल हुए। इसके बाद रोड्रिगेज ने पोर्टो का दामन थामा, फिर एएस मोनाको क्लब के लिए खेले। हालांकि, रोड्रिगेज को करियर में सबसे ज्यादा सफलता 2014 में रियल मैड्रिड में शामिल होने के बाद मिली। मैड्रिड की ओर से खेलते हुए रोड्रिगेज दो बार यूईएफए चैंपियंस लीग टीम का हिस्सा रहे।

वहीं, स्पेन के इस क्लब के साथ रहते हुए उन्होंने फीफा क्लब वर्ल्ड कप का खिताब भी दो बार जीता। इसके बाद वह बार्यन म्यूनिख क्लब से जुड़े, जहां उन्होंने बुंडसलीगा लीग जीती। पिछले विश्व कप में कोलंबिया क्वालिफाई करने में नाकाम रही थी। हालांकि, इस बार टीम सबसे बड़े स्टेज पर दमदार प्रदर्शन करना चाहेगी, जिसका काफी हद तक दारोमदार कप्तान जेम्स रोड्रिगेज के कंधों पर ही होगा।

--आईएएनएस

एसएम/पीएम