जेम्स डीन के साए तले उभरा विद्रोही सितारा, साल मिनियो ने छोटी सी उम्र में कमाया बड़ा नाम
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। हॉलीवुड अभिनेता साल मिनियो 1950 के दशक की उन दुर्लभ युवा प्रतिभाओं में शामिल थे, जिन्होंने कम उम्र में ही अमेरिकी सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ दी। न्यूयॉर्क में 10 जनवरी 1939 को जन्मे मिनियो ने बचपन से ही अभिनय और रंगमंच में रुचि दिखाई और बहुत जल्दी ब्रॉडवे के जरिए मनोरंजन जगत में अपनी पहचान बना ली। उनका करियर ऐसे दौर में उभरा, जब हॉलीवुड में युवा असंतोष, पीढ़ीगत टकराव और सामाजिक बदलाव जैसे विषय धीरे-धीरे मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे थे।
साल मिनियो को अंतरराष्ट्रीय पहचान 1955 में आई फिल्म 'रेबेल विद्आउट अ कॉज' से मिली, जिसमें उन्होंने जेम्स डीन और नताली वुड के साथ काम किया। इस फिल्म में उनका किरदार एक संवेदनशील, अकेलेपन से जूझते किशोर का था, जो उस समय के पारंपरिक मर्दाना नायक की छवि से बिल्कुल अलग था। यही वजह है कि उनका अभिनय केवल लोकप्रिय नहीं हुआ, बल्कि आलोचकों द्वारा भी सराहा गया। इस भूमिका के लिए उन्हें सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के ऑस्कर के लिए नामांकित किया गया, जिससे वे उस समय के सबसे कम उम्र के नामांकित कलाकारों में शामिल हो गए।
1950 के दशक में साल मिनियो की खासियत यह थी कि वे ऐसे किरदार निभाने से नहीं डरते थे जो समाज की रूढ़िवादी सोच को चुनौती देते थे। उनकी फिल्मों में दिखाई देने वाली भावनात्मक गहराई और आंतरिक संघर्ष ने युवा दर्शकों से सीधा संवाद स्थापित किया। जायंट और एक्सोडस जैसी फिल्मों में भी उन्होंने मजबूत और यादगार भूमिकाएं निभाईं, जिससे यह साबित हुआ कि वे केवल एक किशोर स्टार नहीं, बल्कि एक गंभीर अभिनेता थे।
हालांकि, करियर के शुरुआती शिखर के बाद साल मिनियो को हॉलीवुड में सीमित अवसर मिलने लगे। बदलते फिल्म उद्योग और टाइपकास्टिंग की समस्या ने उनके करियर की गति को प्रभावित किया। इसके बावजूद उन्होंने थिएटर और टेलीविजन में सक्रिय रहकर अपनी अभिनय क्षमता को जीवित रखा। महज 37 साल के थे जब उनकी हत्या कर दी गई।
साल मिनियो का निधन अपेक्षाकृत कम उम्र में हो गया, लेकिन उनकी विरासत आज भी जीवित है। 'रेबेल विद्आउट अ कॉज' में उनका अभिनय अमेरिकी पॉप कल्चर का स्थायी हिस्सा बन चुका है, और जेम्स डीन के साथ उनकी केमिस्ट्री को सिनेमा इतिहास में विशेष स्थान प्राप्त है।
--आईएएनएस
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