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जमात-ए-इस्लामी हिंद ने एआईएमपीएलबी के देशव्यापी आंदोलन का किया समर्थन

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतासिम खान ने मंगलवार को कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) का 'मुसलमानों के सामाजिक और राजनीतिक हाशिए पर धकेले जाने और मस्जिदों व मदरसों को गिराए जाने' के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। इस आंदोलन को मुसलमान और गैर-मुसलमान दोनों मिलकर चलाएंगे।
 
जमात-ए-इस्लामी हिंद ने एआईएमपीएलबी के देशव्यापी आंदोलन का किया समर्थन

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष मलिक मोतासिम खान ने मंगलवार को कहा कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (एआईएमपीएलबी) का 'मुसलमानों के सामाजिक और राजनीतिक हाशिए पर धकेले जाने और मस्जिदों व मदरसों को गिराए जाने' के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन शुरू करने का फैसला किया है। इस आंदोलन को मुसलमान और गैर-मुसलमान दोनों मिलकर चलाएंगे।

मलिक मोतासिम खान ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से ​​बातचीत के दौरान कहा, "मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड एक महत्वपूर्ण संस्था है। अगर उन्होंने यह घोषणा नहीं भी की होती, तब भी यह काम तो करना ही था।"

उन्होंने कहा, "देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड (यूसीसी) लागू किया जा रहा है। इसे गुजरात और उत्तराखंड में लागू किया जा चुका है। अब असम में भी ऐसा किया गया है। मध्य प्रदेश में तैयारियां चल रही हैं। देश भर में मस्जिदें गिराई जा रही हैं। इसी तरह तोड़-फोड़ जारी है। मुद्दा सिर्फ एक नहीं है। कई लोगों को गिरफ्तार किया जाता है और उन्हें जमानत नहीं मिलती, डर का माहौल है।"

मोतासिम खान ने कहा कि इस पर एक अभियान चलाने की जरूरत है ताकि लोगों में 'भरोसा जगे और वे संवैधानिक मूल्यों का सम्मान करें'। उन्होंने कहा, "बातचीत होनी चाहिए।"

उन्‍होंने कहा, "यह अभियान सिर्फ मुसलमानों के लिए नहीं है, बल्कि इसे मुसलमान और गैर-मुसलमान दोनों मिलकर चलाएंगे और यह देश में असंवैधानिक चीजों के खिलाफ होगा। इस अभियान में वे हिंदू भाई भी शामिल होंगे जो न्याय के पक्ष में खड़े हैं।"

उन्होंने बताया कि इस अभियान का मकसद देश में स्वतंत्रता, समानता, बंधुत्व, न्याय और धार्मिक आजादी की संवैधानिक गारंटी की रक्षा करना है।

एक बयान में कहा गया है कि एआईएमपीएलबी की कार्यकारी समिति ने समाज के लोकतंत्र प्रेमी और शांति प्रेमी वर्गों के साथ मिलकर आंदोलन के लिए एक एक्शन कमेटी बनाई है। इस आंदोलन का मकसद 'नफरत और दुश्मनी को बढ़ावा देने, सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने और मुसलमानों की जान, माल, सम्मान और गरिमा पर हमलों' को उजागर करना है।

इससे पहले, बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना खालिद सैफुल्ला रहमानी की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में कहा गया था कि "यूसीसी को जबरन लागू करना भारत के संविधान के अनुच्छेद 25 के तहत गारंटीकृत धार्मिक स्वतंत्रता के खिलाफ है।" कार्यकारी समिति ने 'भाजपा शासित राज्यों में यूनिफॉर्म सिविल कोड के नाम पर चल रही विधायी कोशिशों' पर भी चिंता जताई।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी