Aapka Rajasthan

व‍िदेश मंत्री एस. जयशंकर ने रूसी स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष वोलोदिन से की मुलाकात, द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को रूस के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।
 

नई दिल्ली, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। व‍िदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को रूस के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई।

व‍िदेश मंत्री जयशंकर ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पोस्‍ट में ल‍िखा, ''नई दिल्ली में रूस के स्टेट ड्यूमा के अध्यक्ष व्याचेस्लाव वोलोदिन और उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलकर खुशी हुई। हमने अपने द्विपक्षीय सहयोग के साथ-साथ संसदीय संबंधों को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा की।''

एक द‍िन पहले रव‍िवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी व्याचेस्लाव वोलोदिन से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने दोनों देशों की संसदों के बीच निरंतर संस्थागत जुड़ाव, संसदीय प्रतिनिधिमंडलों के नियमित आदान-प्रदान, और युवा तथा महिला सांसदों के बीच आपसी संवाद को बढ़ावा देकर संसदीय सहयोग का विस्तार करने पर चर्चा की।

बैठक के दौरान दोनों पक्षों ने भारत-रूस विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। सोमवार को नई दिल्ली में शुरू हुए 12वें ब्रिक्स संसदीय मंच के पूर्ण सत्र में अपने संबोधन में वोलोदिन ने कहा, "हम अलग-अलग राजनीतिक प्रणालियों, आर्थिक मॉडलों और परंपराओं वाले देशों का प्रतिनिधित्व करते हैं, लेकिन हम एक बहुध्रुवीय दुनिया बनाने के लिए एकजुट हैं। हम अलग-अलग दृष्टिकोणों और राष्ट्रीय कानूनों का सम्मान करते हैं और प्रत्येक देश के विकास के अपने संप्रभु रास्ते को चुनने के अधिकार को मान्यता देते हैं।"

ब्रिक्स नेताओं ने जन केंद्रित विकास सुनिश्चित करने में संसदों की भूमिका को मजबूत करने पर अपने विचार रखे। उन्होंने भविष्य के विकास के लिए सरकारी संस्थानों की स्थिरता बनाए रखने में संसदों की भूमिका के बारे में भी बात की।

नई दिल्ली में दो दिवसीय मंच में भाग लेने आए वोलोदिन ने इस बात पर जोर दिया कि अपने अस्तित्व के 20 वर्षों में ब्रिक्स उभरती हुई बहुध्रुवीय दुनिया और एक न्यायपूर्ण विश्व व्यवस्था के मुख्य स्तंभों में से एक बन गया है।

स्टेट ड्यूमा अध्यक्ष के अनुसार, यह संगठन सबसे बड़े आर्थिक केंद्रों में से एक बन गया है, जो दुनिया के अधिकांश देशों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। इसके भीतर आपसी व्यापार 1.2 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया है और सदस्य देश वैश्विक निर्यात का लगभग एक चौथाई हिस्सा है।

--आईएएनएस

एवाई/वीसी