जगन्नाथ रथ यात्रा: रथ निर्माण से लेकर सजावट तक, पुरी में तैयारियां अंतिम चरण में
पुरी, 12 जुलाई (आईएएनएस)। ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस समय भगवान जगन्नाथ के तीनों रथों के एक अहम लकड़ी के हिस्से, 'थेकेरा बाड़ा' को बनाने का काम जारी है। करीब 40 आर्टिस्ट भगवान जगन्नाथ की सेवा के तहत मंदिर, रथों और त्योहार के रास्ते को पारंपरिक झोटी चिता फ्लोर आर्ट से सजा रहे हैं।
तालध्वज रथ के सेवायत बालकृष्ण महाराणा ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "रथ पर अब 'थेकेरा बाड़ा' लगाया जा रहा है। मुख्य आकर्षण, 'रथ पावा' को पहले ही पेंट किया जा चुका है और इसे सोमवार को लगाया जाएगा।"
उन्होंने बताया कि हमारा विशेष कार्य उस समय रहेगा, जब तीनों रथों के आसन लगाए जाएंगे। फिर 'हरि बोल' होगा और भगवान से प्रार्थना की जाएगी कि सभी का स्वास्थ्य ठीक रखें और अगले साल फिर आपकी सेवा में हाजिर रहें, यह कहकर आपका कार्य समाप्त कर रहे हैं।
श्री जगन्नाथ मंदिर के मुख्य प्रशासक अरबिंद कुमार ने कहा, "इस साल की रथ यात्रा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हमने सभी अनुष्ठानों को समय पर पूरा करने पर सबसे अधिक जोर दिया है और विस्तृत इंतजामों के साथ कार्यक्रम को अंतिम रूप दे दिया गया है।"
उन्होंने बताया कि 14 जुलाई को नबजौबन दर्शन और रथ उत्सव से पहले सभी रस्मों का शेड्यूल, भक्तों के लिए सुविधाएं, सिक्योरिटी इंतजाम और ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर तैयारियां अंतिम दौर में हैं। श्री गुंडिचा मंदिर में भी बड़े पैमाने पर सुंदरता और इंफ्रास्ट्रक्चर का काम पूरा हो गया है।
वहीं, रथ बनाने के कार्य में जुटे आर्ट कॉलेज के छात्र और आर्टिस्ट दिप्तरंजन नायक ने कहा, "मैं हर साल यहां आकर काम करता हूं। मैं यहां लगभग छह सालों से यहां काम कर रहा हूं और यहां सिर्फ भगवान जगन्नाथ की कृपा से मुझे यह मौका मिला है। हर किसी को यहां सेवा करने का सौभाग्य नहीं मिलता है इसलिए मैं बहुत खुश हूं।"
उन्होंने कहा, "एक जुलाई को हम लोग यहां आए और यहां बारिश हो रही थी। हम लोग सोचने लगे थे कि काम कैसे पूरा होगा। हमने भगवान जगन्नाथ से प्रार्थना की। हम लोगों ने जिस दिन प्रार्थना की, भगवान की कृपा से उसी दिन बारिश बंद हो गई और हमने अपना काम शुरू किया।" दिप्तरंजन नायक ने बताया कि कुल चालीस आर्टिस्ट यहां आए हैं।
--आईएएनएस
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