जब राबड़ी देवी हीरे का कंगन बांट रही हैं तो स्रोत और मूल्य के बारे में भी बताना चाहिएः राणा रणधीर
पटना, 14 जून (आईएएनएस)। बिहार के पूर्व मंत्री राणा रणधीर ने दिल्ली में हुई टीएमसी की आंतरिक बैठक पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पार्टी को आंतरिक मुद्दों को सुलझाने के लिए पहले ही कदम उठाने चाहिए थे। उन्होंने राबड़ी देवी के हीरे के कंगन से जुड़े सवालों पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि इसके स्रोत और मूल्य के बारे में पारदर्शिता बरती जानी चाहिए।
राणा रणधीर ने आईएएनए से बातचीत में कहा, "टीएमसी को बैठक पहले करनी चाहिए थी। पार्टी के सांसदों से विचार-विमर्श नहीं किया, ऐसी बातें सामने आ रही हैं। टीएमसी की कार्यशैली से बंगाल की जनता पहले से नाराज थी, जिसने वोट के जरिए बता दिया। लोकतंत्र में सबसे बड़ी ताकत विचार की होती है। टीएमसी ने लोकतंत्र की मर्यादा तोड़ी और राष्ट्रपति का अपमान किया, जिसका परिणाम है कि पार्टी के पदाधिकारी नाराज होकर अलग हो रहे हैं।"
लालू यादव के जन्मदिन पर राबड़ी देवी ने कार्यक्रम में आए सिंगर छोटू छलिया को अपने हाथ से खोलकर कंगन देने पर राणा रणधीर ने कहा, "हीरे का कंगन देंगी तो सबकी नजर पड़ेगी ही, क्योंकि वह चमकीला होता है। सांस्कृतिक कार्यक्रम में देने की परंपरा है, लेकिन हीरे का कंगन देने वाले बहुत कम लोग हैं। जब राबड़ी देवी हीरे का कंगन बांट रही हैं, तो बताना पड़ेगा कि कहां से आया?
इसके पहले जदयू नेता नीरज कुमार ने राबड़ी देवी से बिल दिखाने की मांग करते हुए ईडी को पत्र लिखने की बात कही थी। जदयू नेता ने कहा कि राबड़ी देवी ने गायक छोटू छलिया को हीरे का कंगन दिया तो उसकी रसीद कहां है? कहां से खरीदा गया था? जीएसटी नंबर क्या है? क्या इसका बिल उपलब्ध है? उन्होंने कहा कि इस मामले में वे ईडी को पत्र लिखेंगे और छोटू छलिया से पूछताछ कराने की मांग करेंगे कि कंगन असली हीरे का था या नहीं, उसे क्यों दिया गया और पूरा ब्योरा क्या है।
नीरज कुमार ने कहा था कि राजद अपसंस्कृति का पर्याय बन गया है। लालू प्रसाद यादव बीमार हैं, किडनी का संक्रमण है, ऐसे में आम लोगों से दूरी बनानी चाहिए, लेकिन वह समारोह में शामिल हो रहे हैं, वह उनका निजी मामला है, हम तो उनके बेहतर स्वास्थ्य की कामना कर सकते हैं। जहां तक उस कार्यक्रम की बात है तो छोटू छलिया ने खुद कहा कि उसे राबड़ी देवी से हीरे के कंगन मिले हैं। वह गायक कम राजद के समर्पित कार्यकर्ता ज्यादा हैं। कभी राजद ने उन्हें एमएलसी नहीं बनाया, राज्यसभा नहीं भेजा। लेकिन कार्यक्रम में हीरे के कंगन दिए गए हैं तो उसका पूरा ब्योरा राजद को देना चाहिए।
--आईएएनएस
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