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जब पहलवानों संग अखाड़े में 'अक्की' को उतारते थे पिता, बचपन की यादों में खोए अक्षय कुमार

मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। क्विज रियलिटी शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' की मेजबानी कर रहे अभिनेता अक्षय कुमार अक्सर यादें या किस्से -कहानियों का जिक्र करते नजर आते हैं। इसी कड़ी में अक्षय शो के सेट पर बचपन की यादों में खोए नजर आए। अभिनेता ने बचपन के उन खास दिनों को याद किया, जब उनके पिता उन्हें पेशेवर पहलवानों के साथ कुश्ती करवाते थे।
 
जब पहलवानों संग अखाड़े में 'अक्की' को उतारते थे पिता, बचपन की यादों में खोए अक्षय कुमार

मुंबई, 17 मार्च (आईएएनएस)। क्विज रियलिटी शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' की मेजबानी कर रहे अभिनेता अक्षय कुमार अक्सर यादें या किस्से -कहानियों का जिक्र करते नजर आते हैं। इसी कड़ी में अक्षय शो के सेट पर बचपन की यादों में खोए नजर आए। अभिनेता ने बचपन के उन खास दिनों को याद किया, जब उनके पिता उन्हें पेशेवर पहलवानों के साथ कुश्ती करवाते थे।

अक्षय ने बताया कि उनके पिता खुद एक पहलवान थे और घर में मार्शल आर्ट्स, कुश्ती और रेसलिंग की बातें आम थीं। इन शुरुआती अनुभवों ने न केवल उन्हें बहादुर बनाया, बल्कि बाद में उनके फिल्मी करियर में भी बहुत मदद की।

अक्षय कुमार ने शो 'व्हील ऑफ फॉर्च्यून' में मौजूद प्रतियोगी ख्याति रॉय, मीतू तनेजा और आकाश शर्मा के साथ बातचीत में माता-पिता और बच्चों के रिश्ते पर अपने विचार साझा किए। अक्षय ने बताया, "मेरे घर का कल्चर ही ऐसा था। मेरे पापा पहलवान थे, इसलिए घर में मार्शल आर्ट्स, कुश्ती और रेसलिंग की चर्चा हमेशा रहती थी। मेरे पिताजी प्रोफेशनल रेसलरों को जानते थे और मुझे उनके साथ लड़वाते थे। आज वही मेरे काम आ रहा है।"

उन्होंने कहा कि उन कठिन मुकाबलों ने उन्हें न सिर्फ शारीरिक रूप से मजबूत बनाया, बल्कि मानसिक दृढ़ता भी दी, जो एक्टर के रूप में एक्शन फिल्मों में उनके स्टंट्स और परफॉर्मेंस में साफ दिखती है।

अक्षय कुमार ने इस मौके पर सभी माता-पिता को एक महत्वपूर्ण संदेश भी दिया। उन्होंने कहा कि मां-बाप को अपने बच्चों की रुचि और शौक को समझना चाहिए। कई बच्चे पढ़ाई-लिखाई में कम दिलचस्पी रखते हैं, लेकिन किसी खेल, कला या अन्य क्षेत्र में उनका मन लगता है। अक्षय ने सलाह दी, "माता-पिता को चाहिए कि वे बच्चे की रुचि को पहचानें। अगर बेटा पढ़ाई में कमजोर है, लेकिन किसी और चीज में अच्छा है, तो उसे समझाएं कि पहले शिक्षा पूरी कर लो, उसके बाद मैं तुम्हारे साथ हूं। लेकिन उसे वह चीज छोड़ने मत दो जो वह करना चाहता है।"

उन्होंने आगे कहा कि हर बच्चे की रुचि अलग-अलग हो सकती है। किसी को तैराकी पसंद है, किसी को बॉक्सिंग, किसी को मार्शल आर्ट्स और किसी को क्विज। अक्षय ने जोर देकर कहा, "इन शौकों को पूरा करने में माता-पिता की बहुत बड़ी भूमिका होती है। अगर मां-बाप साथ दें, तो बच्चा जीवन में बहुत आगे जा सकता है।"

उन्होंने बताया कि माता-पिता का समर्थन बच्चे के आत्मविश्वास को बढ़ाता है और उसे जीवन में सफल होने में मदद करता है। अक्षय दो बच्चों के पिता हैं। उनके बेटे का नाम आरव और बेटी का नाम नितारा है।

--आईएएनएस

एमटी/एएस