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इटली के सिसिली में दो बवंडरों का कहर, कई घायल; स्कूल और मकान क्षतिग्रस्त

रोम, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। इटली के सिसिली द्वीप के पश्चिमी हिस्से में आए दो शक्तिशाली बवंडरों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग घायल हो गए, कई मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा तथा एक स्कूल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार देर शाम आई इस आपदा में 11 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 70 वर्षीय व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है।
 

रोम, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। इटली के सिसिली द्वीप के पश्चिमी हिस्से में आए दो शक्तिशाली बवंडरों ने भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कई लोग घायल हो गए, कई मकानों और वाहनों को नुकसान पहुंचा तथा एक स्कूल की इमारत बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। शुक्रवार देर शाम आई इस आपदा में 11 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि 70 वर्षीय व्यक्ति की हालत गंभीर बताई गई है।

इटली की न्यूज एजेंसी एएनएसए की रिपोर्ट के अनुसार, बवंडर ने पश्चिमी सिसिली के तटीय शहर मार्साला और आसपास के इलाकों को प्रभावित किया। समुद्र के ऊपर बने बवंडर तट की ओर बढ़े और फिर रिहायशी इलाकों में पहुंचकर तबाही मचाने लगे। तेज हवाओं के कारण कारें पलट गईं, इमारतों की खिड़कियां टूट गईं, और कई जगहों पर मलबा बिखर गया।

मार्साला के एक स्कूल को भी भारी नुकसान पहुंचा। घटना के समय वहां 273 बच्चे मौजूद थे। स्कूल प्रशासन और कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। हालांकि, घटना में छह बच्चों को मामूली चोट आई।

बवंडर से प्रभावित पेट्रोसिनो इलाके में एक कार तेज हवाओं की चपेट में आकर सड़क से फिसलकर खाई में जा गिरी। कार में सवार दो लोग घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

सिसिलियन रीजनल असेंबली (एआरएस) के प्रेसिडेंट गेटानो गैल्वाग्नो ने कहा, "हमारी पश्चिमी सिसिली में हो रही घटनाओं पर पूरी नजर है; यह इलाका खराब मौसम की बुरी तरह चपेट में है। मेरी संवेदनाएं सबसे पहले उन लोगों के साथ हैं जो बवंडर (टोरनेडो) में घायल हुए हैं।"

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, भूमध्यसागर में असामान्य मौसम की स्थिति इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे सकती है। समुद्र की सतह का बढ़ता तापमान तूफानों को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करता है, जिससे उनकी तीव्रता बढ़ सकती है। इस तरह की परिस्थितियों को भूमध्यसागरीय क्षेत्र में बनने वाले दुर्लभ, तूफानी मौसम तंत्र से भी जोड़ा जा रहा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, हाल के वर्षों में जलवायु परिवर्तन के कारण चरम मौसमी घटनाओं को लेकर चिंता बढ़ी है। विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्र के गर्म होने और वातावरण में बदलाव से कुछ क्षेत्रों में अचानक तेज तूफान तथा भारी बारिश जैसी घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है।

स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए। अधिकारियों ने इमारतों और अन्य बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान का आकलन भी शुरू किया।

--आईएएनएस

केआर/