इस्तीफे से खाली हुई पोस्ट पर वेटिंग लिस्ट से नियुक्ति का अधिकार नहीं: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
बिलासपुर, 27 सितंबर (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भर्ती प्रक्रिया और वेटिंग लिस्ट को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि किसी चयनित उम्मीदवार के नियुक्त होकर सेवा में जॉइन करने के बाद उसके इस्तीफे से उत्पन्न रिक्ति को पिछली चयन सूची या वेटिंग लिस्ट के आधार पर नहीं भरा जा सकता। ऐसी रिक्ति एक नई अथवा बाद में उत्पन्न हुई रिक्ति मानी जाएगी और उसे लागू भर्ती नियमों के अनुसार नई भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से भरा जाना होगा।
जस्टिस बिभु दत्ता गुरु ने भूपेश वर्मा एवं अन्य बनाम छत्तीसगढ़ शासन एवं अन्य से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।
याचिकाकर्ता भूपेश वर्मा और विकाश कुमार गुप्ता ने जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) के पद पर भर्ती के लिए आयोजित चयन प्रक्रिया में भाग लिया था। संबंधित भर्ती प्रक्रिया में चयन सूची वर्ष 2024 में जारी हुई, लेकिन याचिकाकर्ताओं का नाम चयनित अभ्यर्थियों की सूची में नहीं आया।
बाद में चयनित अभ्यर्थियों में से कुछ उम्मीदवारों ने नियुक्ति प्राप्त करने और संबंधित पदों पर कार्यभार ग्रहण करने के बाद सेवा से इस्तीफा दे दिया। इससे कुछ पद रिक्त हो गए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से इन रिक्तियों के आधार पर फर्स्ट वेटिंग लिस्ट/फेज-II लिस्ट जारी करने तथा उसमें उनके नाम पर विचार करने की मांग की गई थी।
हाईकोर्ट ने कहा कि वर्तमान मामले में जिन रिक्तियों का हवाला दिया गया है, वे मूल भर्ती प्रक्रिया के समय उपलब्ध रिक्तियां नहीं थीं। ये रिक्तियां उन अभ्यर्थियों के नियुक्त होकर सेवा में शामिल होने के बाद उनके इस्तीफे के कारण उत्पन्न हुई हैं।
कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय सुदेश कुमार गोयल बनाम हरियाणा राज्य व अन्य (2023) 10 एससीसी 54 का उल्लेख करते हुए कहा कि चयनित उम्मीदवार के सेवा में शामिल होने के बाद इस्तीफा देने से उत्पन्न रिक्ति को पुरानी चयन अथवा वेटिंग लिस्ट के जरिए नहीं भरा जा सकता।
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि केवल इस आधार पर कि बाद में कोई पद रिक्त हो गया है, ऐसा अभ्यर्थी नियुक्ति का अधिकार नहीं मांग सकता जिसका नाम मूल चयन सूची में नहीं था। विशेष रूप से तब, जब रिक्ति किसी चयनित उम्मीदवार के जॉइन नहीं करने के कारण नहीं, बल्कि जॉइन करने के बाद इस्तीफा देने के कारण उत्पन्न हुई हो।
हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि किसी पूर्व चयन प्रक्रिया में प्रतीक्षा सूची जारी करने की पुरानी प्रथा मात्र से अभ्यर्थियों को भविष्य में उत्पन्न होने वाली रिक्तियों पर नियुक्ति का कोई वैधानिक या प्रवर्तनीय अधिकार प्राप्त नहीं हो जाता।
कोर्ट ने कहा कि यदि संबंधित विभाग बाद में उत्पन्न हुई रिक्तियों को भरना चाहता है, तो उन्हें लागू भर्ती नियमों और निर्धारित भर्ती प्रक्रिया के अनुसार भरा जाना होगा। अर्थात, पूर्व चयन प्रक्रिया की वेटिंग लिस्ट को समाप्त हो चुकी भर्ती प्रक्रिया की बाद की रिक्तियों को भरने के लिए पुनर्जीवित अथवा संचालित नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने माना कि याचिकाकर्ताओं के पास फर्स्ट वेटिंग लिस्ट/फेज-II लिस्ट जारी कराने अथवा इस्तीफे से बाद में उत्पन्न रिक्तियों के विरुद्ध पुरानी चयन प्रक्रिया के आधार पर नियुक्ति का कोई प्रवर्तनीय अधिकार नहीं है।
इसी आधार पर भूपेश वर्मा और विकाश कुमार गुप्ता की दोनों रिट याचिकाएं खारिज कर दी गईं।
--आईएएनएस
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