Aapka Rajasthan

इजरायल विमान प्रकरण में भारतीय पायलट की बहादुरी सराहनीय, देश का मान बढ़ाया: कशिश वारसी

मुरादाबाद, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी ने इजरायल से जुड़े विमान प्रकरण में भारतीय मूल की पायलट स्मिता मच्छार की भूमिका पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम किया, जिसके लिए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जांच की भी मांग की।
 

मुरादाबाद, 1 अक्टूबर (आईएएनएस)। सूफी फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कशिश वारसी ने इजरायल से जुड़े विमान प्रकरण में भारतीय मूल की पायलट स्मिता मच्छार की भूमिका पर प्रतिक्रिया देते हुए उनकी बहादुरी की सराहना की। उन्होंने कहा कि पायलट ने अपनी जान की परवाह किए बिना यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का काम किया, जिसके लिए उन्हें बधाई दी जानी चाहिए। हालांकि, उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की जांच की भी मांग की।

कशिश वारसी ने कहा कि इस विमान प्रकरण में भारतीय पायलट की बहादुरी सामने आई है। पायलट ने अपनी जान जोखिम में डालकर 100 से अधिक यात्रियों की जान बचाई और इससे देश का मान बढ़ा है। वह पायलट को हीरो मानते हैं और उनके साहस की सराहना करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि विमान के अंदर कथित तौर पर चाकूबाजी क्यों हुई, इसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

जब उनसे पूछा गया कि क्या वह उस खबर पर विश्वास करते हैं जिसमें पायलट पर हमले की बात कही जा रही है, तो उन्होंने कहा कि विमान के अंदर वास्तव में क्या हुआ, इसकी पूरी जानकारी अभी किसी के पास नहीं है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों और अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें। किसी भी देश या घटना से जुड़े मामले में बिना तथ्य जाने टिप्पणी करने से बचना चाहिए।

कशिश वारसी ने समाजवादी पार्टी के राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर भी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी खुद को बराबरी और मुस्लिम समाज के मुद्दों की आवाज बताती है, लेकिन राज्यसभा के लिए मुस्लिम समुदाय से किसी व्यक्ति को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि मुरादाबाद से पूर्व सांसद डॉ. एसटी हसन का नाम राज्यसभा के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है। ऐसा नहीं होने से मुरादाबाद के मुस्लिम नेतृत्व और डॉ. एसटी हसन के समर्थकों में निराशा हुई है।

वारसी ने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने एक कारोबारी को राज्यसभा भेजकर यह संदेश दिया है कि पार्टी पूंजीपतियों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज का इस्तेमाल केवल राजनीतिक जरूरत के समय किया जाता है। उन्होंने सपा पर मुस्लिम समुदाय को तेजपत्ते की तरह इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुरादाबाद की मुस्लिम लीडरशिप को राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पार्टी के फैसले से यह उम्मीद पूरी नहीं हुई। समाजवादी पार्टी को राज्यसभा के लिए नए और मुस्लिम समुदाय से जुड़े चेहरे को मौका देना चाहिए था।

उन्होंने आगे कहा कि मुरादाबाद के लोगों और डॉ. एसटी हसन के समर्थकों को उम्मीद थी कि जिले से किसी नेता को राज्यसभा भेजा जाएगा, लेकिन पार्टी के फैसले के बाद समर्थकों में मायूसी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस पार्टी को मुस्लिम समाज के बीच अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाना जाता है, उसने राज्यसभा प्रतिनिधित्व में मुस्लिम चेहरे को स्थान क्यों नहीं दिया।

वारसी ने कहा कि राज्यसभा प्रतिनिधित्व का मुद्दा केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि राजनीतिक भागीदारी और प्रतिनिधित्व से जुड़ा विषय है। उन्होंने सपा नेतृत्व से मुस्लिम समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने को लेकर गंभीरता से विचार करने की बात कही।

--आईएएनएस

पीएसके