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इजरायल का दावा, ईरान के अंडरवॉटर सिस्टम के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर तबाह क‍िए

नई दिल्ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा किया कि मंगलवार रात इजरायल एयर फोर्स (आईएएफ) ने बड़े हवाई हमलों में ईरान के हथियार बनाने वाले ठिकानों को तबाह कर दिया। साथ ही बुधवार की कार्रवाई में लेबनान में हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर हमला किया, जिनमें कई फ्यूल स्टेशन भी शामिल हैं।
 
इजरायल का दावा, ईरान के अंडरवॉटर सिस्टम के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर तबाह क‍िए

नई द‍िल्‍ली, 25 मार्च (आईएएनएस)। इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने दावा क‍िया क‍ि मंगलवार रात इजरायल एयर फोर्स (आईएएफ) ने बड़े हवाई हमलों में ईरान के हथ‍ियार बनाने वाले ठ‍िकानों को तबाह कर द‍िया। साथ ही बुधवार की कार्रवाई में लेबनान में हिज़्बुल्लाह के कई ठिकानों पर हमला क‍िया, ज‍िनमें कई फ्यूल स्‍टेशन भी शाम‍िल हैं।

इजरायल एयर फोर्स (आईएएफ) के अनुसार, मंगलवार को सटीक इंटेलिजेंस गाइडेंस के साथ इस्फहान में ईरानी शासन के हथियार बनाने वाले उद्योगों को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।

आईडीएफ ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जानकारी साझा करते हुए ल‍िखा, ''इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ने नेवी के इंटेलिजेंस जहाज की गाइडेंस में इस्फहान में ईरान के मिलिट्री अंडरवॉटर सिस्टम के रिसर्च और डेवलपमेंट सेंटर पर हमला किया।''

आईडीएफ ने कहा, ''यह सेंटर ईरान में एकमात्र ऐसी जगह है जो ईरानी नेवी के लिए सबमरीन और सहायक सिस्टम को डिजाइन करने और बनाने के लिए जिम्मेदार है। यह शासन इस जगह पर बिना इंसानों वाले जहाजों के कई तरह के मॉडल बनाता है।''

आईडीएफ के अनुसार, इस हमले से ईरानी नेवी के लिए नई और आधुनिक सबमरीन बनाने और अपने मौजूदा बेड़े को अपग्रेड करने की शासन की क्षमता काफी हद तक सीमित हो गई है।

इजरायल ड‍िफेंस फोर्स (आईडीएफ) ईरान के मिलिट्री उद्योगों को और ज्यादा नुकसान पहुंचाना जारी रखे हुए है, ताकि उन उत्पादन क्षमताओं को खत्म किया जा सके, जिन्हें उसने वर्षों की मेहनत से बनाया है।

वहीं, आईएएफ ने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म 'एक्‍स' पर जानकारी साझा करते हुए ल‍िखा, ''एयरफोर्स ने बुधवार को अंधेरे में ही लेबनान में हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों पर हमला किया, जिसमें दहियाह में एक हेडक्वार्टर और हिज्बुल्लाह का इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल था।''

आईएएफ के अनुसार, 'अल-अमाना' कंपनी के कई फ्यूल स्टेशन, जो हिज्बुल्लाह के कंट्रोल में थे, उन पर हमला किया गया। ये फ्यूल स्टेशन एक अहम इकोनॉमिक इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करते थे। इनका इस्तेमाल हथियारों और लड़ाकों को ले जाने वाले ट्रकों में फ्यूल भरने के लिए किया जाता था। हिज्बुल्लाह के लिए अपने ऑपरेशन के लिए लाखों डॉलर का मुनाफा भी था।

आईएएफ के अनुसार, यह हिज्बुल्लाह की ओर से लेबनान राज्य के नागरिकों के शोषण का एक और उदाहरण है, जो अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए सिविलियन कवर के तहत काम करता था।

--आईएएनएस

एवाई/डीकेपी