इस्लाम की आड़ में दकियानूसी सोच अब नहीं चल सकती: कौसर जहां
नई दिल्ली, 15 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली हज कमेटी की चेयरपर्सन कौसर जहां ने ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी के बयान पर पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को रोकने वाली कोई भी सोच कामयाब नहीं होगी। इस्लाम की आड़ में दकियानूसी सोच अब नहीं चल सकती।
मौलाना मुफ्ती शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मुस्लिम महिलाओं का जिक्र करते हुए कहा था कि मुस्लिम महिलाओं को आज की राजनीति से दूर रहना चाहिए। उन्होंने राजनीति को मुस्लिम महिलाओं के लिए दलदल बताया।
इस पर कौसर जहां ने आईएएनएस से बातचीत में मौलाना के बयान पर कहा कि किसी भी धर्म की महिलाओं को राजनीति से दूर रहने की सलाह देना एक पिछड़ी सोच है और उनके संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। भारत का संविधान हर महिला को, चाहे वह किसी भी धर्म की हो, समान अवसर, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नेतृत्व का अधिकार देता है।
राजनीति को 'गंदा क्षेत्र' कहना और इस तरह के बयान देना, जैसा कि मौलाना ने किया है, महिलाओं की काबिलियत और आत्म-सम्मान को कमजोर करता है। असल में अगर राजनीति में कोई कमियां हैं तो महिलाओं की भागीदारी और भी ज्यादा जरूरी हो जाती है।
उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब महिलाओं ने नेतृत्व किया है, हमेशा समाज को नई दिशा दिखाई है। धर्म के आधार पर महिलाओं को सीमित करना इस्लाम की मूल भावना से मेल नहीं खाता है।
कौसर जहां ने कहा कि इस्लाम में महिलाओं का बहुत उच्चा स्थान है। दुर्भाग्य की बात है कि मौलाना इस्लाम की गलत व्याख्या करते हैं।
सम्राट चौधरी के सीएम बनने पर कौसर जहां ने उन्हें शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भाजपा के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उनका चयन न केवल संगठन के विश्वास का प्रतीक है, बल्कि बिहार के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम भी है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि उनके नेतृत्व में बिहार दिन-दोगनी रात-चौगुनी तरक्की करेगा और विकसित बिहार का संकल्प, विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
--आईएएनएस
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