'इस ब्रॉन्ज मेडल को जीतने में पिता का बड़ा योगदान', घर लौटने पर रोहित यादव का हुआ स्वागत
जौनपुर, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। एशियन गेम्स 2026 में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर लौटे भारत के जैवलियन थ्रोअर रोहित यादव का घर पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। रोहित ने कहा कि इस ब्रॉन्ज को जीतने में उनके पिता का खास योगदान रहा।
रोहित ने 'आईएएनएस' के साथ बात करते हुए कहा, "मैंने देश के लिए मैंने ब्रॉन्ज मेडल जीता है। यह मेरा पहला मेडल है। इसमें मेरे पिता का बहुत बड़ा योगदान रहा। उन्होंने ऐसी परिस्थितियों से मुझे यहां तक पहुंचाया। मुझे कुछ नहीं पता था कि जैवलिन क्या होता है और यह कैसे खेला जाता है। जैवलिन पकड़ाने के लिए उनका बहुत-बहुत धन्यवाद। इस यात्रा में मुझे काफी लोगों ने सपोर्ट किया है और मैं उन सभी को धन्यवाद देता हूं। अब अगला लक्ष्य लॉस एंजिल्स में होने वाले ओलंपिक गेम्स हैं और अब उसी की तैयारी है। अगले साल एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप है और उसी की तैयारी है।"
रोहित यादव का प्रदर्शन एशियन गेम्स 2026 में शानदार रहा। उन्होंने 84.35 मीटर के थ्रो के साथ ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया। रोहित का बेस्ट थ्रो उनके तीसरे प्रयास में आया। रोहित ने पहले प्रयास में 77.25 मीटर की दूरी तय की, जबकि वह दूसरे प्रयास में जैवलिन को 82.40 मीटर दूर फेंकने में सफल रहे। उन्होंने चौथे प्रयास में 82.16 और पांचवें और अंतिम प्रयास में जैवलिन को 82.15 मीटर दूर फेंका।
रोहित के साथ-साथ भारतीय जैवलिन थ्रोअर यशवीर सिंह ने भी दमदार प्रदर्शन किया। यशवीर ने अपने पहले प्रयास में 83.56 मीटर का थ्रो फेंका, जबकि दूसरे प्रयास में 82.99 का थ्रो फेंका। यशवीर तीसरे प्रयास में थ्रो को 82.42 मीटर दूर फेंकने में कामयाब रहे, जबकि चौथे प्रयास में उन्होंने 84.31 मीटर का थ्रो फेंका।
पांचवें प्रयास में यशवीर ने 85.14 मीटर का थ्रो फेंका। हालांकि, उनका सबसे बेस्ट थ्रो आखिरी यानी छठे प्रयास में आया। छठे थ्रो में यशवीर के जैवलिन ने 85.72 मीटर की दूरी तय की, जिसके चलते वह सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहे। इंजरी के चलते नीरज चोपड़ा एशियन गेम्स 2026 में हिस्सा नहीं ले सके थे, ऐसे में भारत को रोहित और यशवीर से काफी उम्मीदें थीं और वह उम्मीदों को खरे भी उतरे।
--आईएएनएस
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