'इस बार हश्र और बुरा होगा', भाजपा नेताओं का पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर तीखा पलटवार
नई दिल्ली, 5 अप्रैल (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और उसके सहयोगी दल जदयू ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के बयान पर पलटवार किया है। भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर कोई आंखें तरेर कर देखता है तो इस बार बुरा हश्र कर दिया जाएगा। भारत जिस दिन चाहेगा, उस दिन पाकिस्तान के किसी भी कोने पर हमला कर सकता है।
भाजपा प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा, "क्या पाकिस्तान में भारत की तरफ आंख उठाकर देखने की हिम्मत है। 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान हमने उनको घर में घुसकर मारा। क्या पाकिस्तान यह भूल चुका है। क्या यह भी भूल गया कि हमने आतंकवादियों के पूरे-पूरे परिवारों को कैसे तबाह कर दिया था। पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भी तबाह किया था। पाकिस्तान गिड़गिड़ाते हुए युद्ध रोकने के लिए भारत के पास आया। भारत ने अपनी शर्तों पर युद्ध रोका।"
प्रतुल शाहदेव ने कहा, "पाकिस्तान कोलकाता की बात करता है, लेकिन कोलकाता पाकिस्तान की पहुंच से बहुत बाहर है। भारत जिस दिन चाहेगा, उस दिन पाकिस्तान के किसी भी कोने पर हमला कर सकता है। भारत शांतिप्रिय देश है, इसलिए वह नहीं चाहता है कि कभी युद्ध हो। भारत कभी पहले 'पहले हमला' की नीति पर नहीं चलता है। अगर कोई आंखें तरेर कर देखता है तो भारत ने जो हश्र 'ऑपरेशन सिंदूर' में किया था, उससे सौ गुना बुरा हश्र कर सकते हैं।"
भाजपा की तेलंगाना इकाई के नेता टीआर श्रीनिवास ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ की भी आलोचना की। इसके साथ ही, उन्होंने आतंकी गतिविधियों के खिलाफ संभावित 'ऑपरेशन सिंदूर-2' की चेतावनी दी।
टीआर श्रीनिवास ने कहा, "पाकिस्तान का कॉमेडी वाला बयान मैंने देखा है। वह कोलकाता पर हमले की बात करके सिर्फ खुद को पॉलिटिकल कवर फायर दे रहे हैं।" उन्होंने आगे कहा कि हमारी सेना बिल्कुल तैयार है। पाकिस्तान की ओर से आने वाले आतंकियों के लिए हम 'ऑपरेशन सिंदूर-2' करेंगे।
वहीं, जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा, "पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का बयान आपत्तिजनक है। पाकिस्तान को इस बात का एहसास होना चाहिए कि 'ऑपरेशन सिंदूर' में गहरा जख्म मिला है। भारत ने पाकिस्तान में घुसकर आतंकी ठिकानों को चंद मिनटों में ध्वस्त कर दिया था। इसके बाद पाकिस्तानियों की जुबान खामोश थी।"
--आईएएनएस
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