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ईरानी प्रतिनिधिमंडल पहुंचा भारत, भुवनेश्वर के ब्रिक्स शिक्षा बैठक में लेगा हिस्सा

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुधवार से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हो रही है। यह बैठक 5 से 7 अगस्त तक चलेगी। इसमें 200 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
 

नई दिल्ली, 5 अगस्त (आईएएनएस)। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की बैठक बुधवार से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में शुरू हो रही है। यह बैठक 5 से 7 अगस्त तक चलेगी। इसमें 200 से ज्यादा प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं, जिनमें शिक्षा मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

ईरान से भी एक प्रतिनिधिमंडल इस बैठक में हिस्सा लेने भारत पहुंचा है। ईरान के विज्ञान, अनुसंधान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के कार्यवाहक मंत्री डॉ. मसूद शमश बख्श और प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के उपमंत्री डॉ. मोहम्मद नबी शाहिकी ताश बुधवार को नई दिल्ली पहुंचे। वे भुवनेश्वर में होने वाली बैठक में शामिल होंगे।

इसकी जानकारी ईरानी दूतावास के आधिकारिक 'एक्स' पोस्ट के जरिए दी गई। ईरान के दूतावास ने 'एक्स' पोस्ट में लिखा कि दिल्ली में अपने प्रवास के दौरान ईरानी प्रतिनिधि भारत के कई अग्रणी वैज्ञानिक और तकनीकी संस्थानों का दौरा भी करेंगे।

इस बैठक का आयोजन तीन दिन तक होगा, जिसमें 5 अगस्त को ब्रिक्स शिक्षा वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक हो रही है। 6 अगस्त को मंत्री और वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त चर्चा होगी और 7 अगस्त को 13वीं ब्रिक्स शिक्षा मंत्रियों की आधिकारिक बैठक होनी है, जिसमें केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी शामिल होंगे। इस बैठक में सदस्य देशों के बीच शिक्षा सहयोग, नवाचार और कौशल विकास जैसे मुद्दों पर बातचीत होगी।

भारत ने इस बार ब्रिक्स की अध्यक्षता के दौरान युवाओं की भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया है। इसी सोच के साथ 'मॉडल ब्रिक्स' नाम की एक छात्र-केंद्रित पहल शुरू की गई है।

यह पहल ब्रिक्स की मंत्रिस्तरीय बैठकों के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों में आयोजित की जाएगी। इसका मकसद युवा नागरिकों को ब्रिक्स की प्रक्रिया से जोड़ना है। साथ ही उन्हें कूटनीति, बहुपक्षीय सहयोग और सहमति बनाने के तरीके समझाने में मदद करना है।

भुवनेश्वर में हो रही यह बैठक शिक्षा के क्षेत्र में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

--आईएएनएस

वीकेयू/एएस