ईरानी एयरस्ट्राइक के बाद कतर ने जहाजों को समुद्र में न जाने की दी सलाह
दोहा, 12 जुलाई (आईएएनएस)। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते हमलों ने पश्चिम एशिया में तनाव की स्थिति पैदा कर दी है। 140 ठिकानों को निशाना बनाने के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों पर हवाई हमले शुरू कर दिए। वर्तमान हालात को देखते हुए कतर ने सभी जहाज मालिकों से अपील की है कि वे अगले आदेश तक अस्थायी रूप से नौवहन और समुद्री गतिविधियों को रोक दें।
कतर के परिवहन मंत्रालय ने कहा कि यह कदम जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। इसमें मनोरंजन के लिए इस्तेमाल होने वाली नावें, मछली पकड़ने वाले जहाज और जेट स्की जैसी सभी समुद्री गतिविधियां शामिल हैं। इससे पहले नौका
कतर ने ईरानी हमलों को क्षेत्रीय सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए खतरा बताते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "इन आक्रामक कार्रवाइयों का जारी रहना एक खतरनाक स्थिति को दर्शाता है, जो तनाव कम करने के प्रयासों को जटिल बनाएगा और क्षेत्र में सुरक्षा एवं स्थिरता स्थापित करने के उद्देश्य से किए जा रहे राजनीतिक और कूटनीतिक प्रयासों को कमजोर करेगा।"
मंत्रालय ने कहा कि इस्लामी गणराज्य ईरान इन हमलों और उनसे उत्पन्न सभी परिणामों के लिए पूरी तरह कानूनी रूप से जिम्मेदार है। दोहा ने इन हमलों को "संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन" तथा "अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन" बताया है।
कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि देश को जवाबी कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन साथ ही उसने क्षेत्र में सभी सैन्य आक्रामक कार्रवाइयों को पूरी तरह समाप्त करने का आह्वान किया है।
यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन्स (यूकेएमटीओ) का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री सुरक्षा के लिए खतरा सबसे ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और इसे "गंभीर" श्रेणी में रखा गया है।
संस्था ने कहा है, "12 जुलाई, 2026 को ईरान की इस घोषणा के बावजूद कि होर्मुज बंद है, दक्षिणी रास्ता खुला हुआ है और अब इसे दोतरफा ट्रैफिक के लिए बड़ा कर दिया गया है।"
--आईएएनएस
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