ईरान पर बम बरसाने के लिए क्या अमेरिका से तीन बी-1 बॉम्बर्स ने भरी थी उड़ान!
वाशिंगटन, 2 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव तेजी से सैन्य संघर्ष में बदल गया है। फरवरी 2026 के अंत में ’ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के नाम से अमेरिका-इजरायल गठबंधन ने ईरान के व्यापक सैन्य ढांचे पर बड़े पैमाने पर वायु, मिसाइल और समुद्री हमले शुरू किए।
इस अभियान में अमेरिकी सैन्य बलों ने तीन बी-1बी (लांसर) भारी बमवर्षक विमान को प्रमुख भूमिका दी, जो रात के समय ईरान के गहरे बैलिस्टिक मिसाइल सुविधाओं और ठोस बंकरों पर हमला करने के लिए सीधे संयुक्त राज्य से उड़ान भरकर लौटे थे।
ओपन-सोर्स फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के विश्लेषकों से इसकी जानकारी मिली है। सबसे पहले मिलिट्री एयर ट्रैकिंग अलायंस के संस्थापक ने इसे प्रकाशित किया। जो लगभग 30 ओपन-सोर्स एनालिस्ट की एक टीम है। ये सैन्य और सरकारी उड़ान गतिविधि का विश्लेषण करती है।
विश्लेषकों के मुताबिक, तीन बी-1 बॉम्बर्स ने हमले करने के लिए यूएस से ईरान तक बिना रुके उड़ान भरी।
एक अमेरिकी अधिकारी ने एक्सियोस न्यूज साइट से पुष्टि की कि बॉम्बर्स ने “ईरान में जमीन के ऊपर बैलिस्टिक मिसाइल और कमांड और कंट्रोल साइट्स” पर हमला किया।
बता दें, बी-1 बॉम्बर दुनिया के सबसे उन्नत विमानों में से एक हैं, जो रडार से बचते हुए भारी 75,000 पाउंड के बंकर-बस्टर बम गिरा सकते हैं। ये विशेष रूप से किलेबंद या भूमिगत लक्ष्य पर सटीक वार करने के लिए पहचाने जाते हैं।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार ईरान के खिलाफ एयरस्ट्राइक के पहले 24 घंटों में 1,000 से अधिक लक्ष्य पर हमला किया गया, जिसमें मिसाइल साइटों, सैन्य कमान-केंद्रों और अन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इस बीच ईरान ने भी मिसाइलों और ड्रोन हमले किए, जिससे मध्य पूर्व की स्थिति और अधिक अस्थिर हो गई है। अमेरिका ने यह भी कहा है कि अब तक ईरानी हमले में घायल हुए चार अमेरिकी सैनिकों की मौत हो चुकी है। वैश्विक सुरक्षा पर इसके गंभीर प्रभाव का अनुमान लगाया जा रहा है।
--आईएएनएस
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