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ईरान पर ट्रंप के 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बयान को लेकर विपक्ष का हमला, भारत की कूटनीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान के साथ व्यापार को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बयान पर भारत की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संतुलन के खिलाफ बताया, बल्कि केंद्र सरकार की कूटनीतिक प्रतिक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।
 
ईरान पर ट्रंप के 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने के बयान को लेकर विपक्ष का हमला, भारत की कूटनीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली, 13 जनवरी (आईएएनएस)। ईरान के साथ व्यापार को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बयान पर भारत की राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। विपक्षी दलों के नेताओं ने इसे न केवल अंतरराष्ट्रीय व्यापार के संतुलन के खिलाफ बताया, बल्कि केंद्र सरकार की कूटनीतिक प्रतिक्रिया पर भी सवाल खड़े किए हैं।

नेताओं का कहना है कि वैश्विक मंच पर भारत को अधिक मजबूती और स्पष्टता के साथ अपनी बात रखनी चाहिए थी।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष अजय राय ने इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैं समझता हूं कि प्रधानमंत्री मोदी ने बहुत महत्वपूर्ण बयान दिए हैं। फिर भी केंद्र सरकार डोनाल्ड ट्रंप के सामने दबी हुई दिखती है, जबकि उनकी किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया गया है।

राजद सांसद मनोज कुमार झा ने ट्रंप के रवैये को ‘शाही और तानाशाही मानसिकता’ करार दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के कुछ नेता यह तय करने की कोशिश कर रहे हैं कि किस देश को किससे व्यापार करना चाहिए और किससे नहीं। मनोज झा ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वे ऐसा करने वाले कौन होते हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के कदम देशों के बीच संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की ओर से इस मुद्दे पर कहीं ज्यादा मजबूत और स्पष्ट प्रतिक्रिया आनी चाहिए थी। इस पर भारत की ओर से चुप्पी साधे रखना उचित नहीं है।

मनोज झा ने जोर देते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है जब दुनिया के तमाम देशों को एकजुट होकर ट्रंप को यह कहना चाहिए कि वे अपनी भाषा और व्यवहार पर नियंत्रण रखें।

वहीं, कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने भी ट्रंप के टैरिफ लगाने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि किसी राष्ट्राध्यक्ष का बाकी दुनिया के साथ इस तरह का दादागिरी भरा व्यवहार पूरी तरह से गलत, अनैतिक और अस्वीकार्य है।

टीएस सिंह देव ने कहा कि अमेरिका जैसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति से इस तरह के डराने वाले और गैर-जिम्मेदाराना बयानों की उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी। उनके मुताबिक, ऐसे बयान वैश्विक व्यापार व्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए खतरनाक साबित हो सकते हैं।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम