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ईरान पर अमेरिकी हमले में क्यों हो रही देरी? बांग्लादेश की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने बताई वजह

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर बांग्लादेश में भारत की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है। अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है और इसे अपना इलाका मान रहा है।
 

नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान पर बांग्लादेश में भारत की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने ऐसा बयान दिया है। अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण की कोशिश कर रहा है और इसे अपना इलाका मान रहा है।

पूर्व भारतीय डिप्लोमैट ने कहा कि अमेरिका ईरान को बड़े हमले की धमकी दे रहा है, लेकिन वह हमला अब तक नहीं हुआ है। इसके पीछे वजह गोला-बारूद और इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का संदेह है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना के पास हथियारों की उपलब्धता को लेकर दिक्कतें आ रही हैं, जिस कारण ईरान पर कार्रवाई टल रही है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान पर बांग्लादेश में भारत की पूर्व हाई कमिश्नर वीणा सिकरी ने कहा, "यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह बयान दिया है। अमेरिकी, जितना हो सके, होर्मुज स्ट्रेट में जाने और बाहर आने वाले सभी जहाजों को नियंत्रित करने की कोशिश कर रहे हैं। इस लिहाज से, उन्हें लगता है कि यह हमारा इलाका है। यह अमेरिकी इलाका है क्योंकि अमेरिकी नेवल ब्लॉकेड जहाजों की मूवमेंट को कंट्रोल करने में सक्षम है।"

उन्होंने आगे कहा, "अमेरिका खतरनाक जवाब देने की धमकी दे रहा है। वे ईरान पर बहुत बड़े हमले की धमकी दे रहे हैं, जिससे ईरान तबाह हो जाएगा और पूरी तरह से खत्म हो जाएगा, लेकिन वह हमला नहीं हुआ है और यह अंदाजा लगाया जा रहा है कि ऐसा क्यों नहीं हुआ। कुछ लोग कहते हैं कि शायद गोला-बारूद, इंटरसेप्टर और दूसरी मिसाइलों की उपलब्धता में कुछ दिक्कतों की वजह से अमेरिकी सेना के पास कमी हो रही है।"

वीणा सिकरी ने कहा कि कुछ रिपोर्ट्स थीं कि नाटो देश भी इस बारे में सोच रहे हैं कि वे होर्मुज स्ट्रेट में क्या कर सकते हैं और वे होर्मुज स्ट्रेट में कैसे मदद कर सकते हैं। यह एक बहुत ही बदलती हुई स्थिति है और कोई सच में नहीं जानता कि यह कहां जाएगी, सिवाय इसके कि ईरान ने तय कर लिया है कि होर्मुज स्ट्रेट उनके नियंत्रण में रहेगा और ज्यादा से ज्यादा, वे इस पर ओमान के साथ एक समझौता करने को तैयार हैं।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी