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ईरान ने अमेरिका के साथ रोकी बातचीत, कहा- इजरायल लेबनान पर हमला करता रहेगा तो नहीं होगी बात

तेहरान, 1 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि ईरान के साथ बातचीत अपने अंतिम चरण में है। इस बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि तेहरान की बातचीत करने वाली टीम ने अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज का लेन-देन रोक रही है।
 
ईरान ने अमेरिका के साथ रोकी बातचीत, कहा- इजरायल लेबनान पर हमला करता रहेगा तो नहीं होगी बात

तेहरान, 1 जून (आईएएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है। एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दावा कर रहे थे कि ईरान के साथ बातचीत अपने अंतिम चरण में है। इस बीच ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि तेहरान की बातचीत करने वाली टीम ने अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज का लेन-देन रोक रही है।

तस्नीम न्यूज एजेंसी ने सोमवार को कहा कि तेहरान की बातचीत करने वाली टीम लेबनान पर हमलों की वजह से अमेरिका के साथ मीडिएटर के जरिए मैसेज का लेन-देन रोक रही है।

ईरानी न्यूज एजेंसी ने कहा कि ईरान और रजिस्टेंस फ्रंट (जिसमें यमन, लेबनान और इराक में उसके शिया साथी शामिल हैं) ने इजरायल और उसके समर्थकों को सजा देने के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से ब्लॉक करने और बाब अल मंडेब स्ट्रेट समेत दूसरे फ्रंट्स को सक्रिय करने का एजेंडा बनाया है।

अगर यमन में ईरान के प्रॉक्सी हूती लड़ाई में एक नया फ्रंट खोलते हैं, तो एक साफ टारगेट यमन के तट पर बाब अल मंडेब स्ट्रेट होगा। यह एक अहम शिपिंग चोकपॉइंट और पतला रास्ता है, जो स्वेज कैनाल की ओर समुद्री ट्रैफिक को नियंत्रित करता है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सोमवार को एक्स पर लेबनान में इजरायली ऑपरेशन का जिक्र करते हुए कहा, "एक मोर्चे पर नहीं, सभी मोर्चों पर सीजफायर का उल्लंघन है। किसी भी उल्लंघन के नतीजों के लिए अमेरिका और इजरायल जिम्मेदार हैं।"

तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ईरान की सेंट्रल मिलिट्री कमांड, खतम अल-अनबिया ने उत्तरी इजरायल में रहने वाले लोगों को चेतावनी दी है कि "अगर वे नुकसान नहीं चाहते हैं तो वे इलाका खाली कर दें।"

आउटलेट ने ब्रिगेडियर जनरल अली अब्दुल्लाही के हवाले से कहा, “सरकार द्वारा सीजफायर के बार-बार उल्लंघन को देखते हुए हम उत्तरी सेक्टरों और कब्जे वाले इलाकों में मिलिट्री बस्तियों के निवासियों को चेतावनी देते हैं कि अगर वे नुकसान नहीं चाहते हैं, तो उन्हें इलाका खाली कर देना चाहिए।”

--आईएएनएस

केके/वीसी