Aapka Rajasthan

ईरान में युवाओं के प्रदर्शन पर खामेनेई सरकार की प्रवक्ता का बयान, 'विरोध का हक है, लेकिन मर्यादा...'

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ एक बार फिर से युवाओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। बीते दिनों में ईरान के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इस बीच इन छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का हक है, लेकिन उन्हें मर्यादा याद रहनी चाहिए।
 
ईरान में युवाओं के प्रदर्शन पर खामेनेई सरकार की प्रवक्ता का बयान, 'विरोध का हक है, लेकिन मर्यादा...'

नई दिल्ली, 24 फरवरी (आईएएनएस)। ईरान में खामेनेई सरकार के खिलाफ एक बार फिर से युवाओं का विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। बीते दिनों में ईरान के अलग-अलग विश्वविद्यालयों में विरोध प्रदर्शन देखने को मिले हैं। इस बीच इन छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा कि छात्रों को विरोध करने का हक है, लेकिन उन्हें मर्यादा याद रहनी चाहिए।

बांग्लादेशी मीडिया ढाका ट्रिब्यून ने बताया कि ईरानी सरकार की प्रवक्ता फतेमेह मोहजेरानी ने कहा, "विश्वविद्यालय के छात्रों को विरोध करने का हक है, लेकिन सभी को रेडलाइंस को समझना होगा। पवित्र चीजें और झंडा इन रेडलाइंस के दो उदाहरण हैं, जिन्हें हमें बचाना चाहिए और गुस्से में भी पार नहीं करना चाहिए या उनसे भटकना नहीं चाहिए।"

उन्होंने कहा कि ईरान के छात्रों के "दिल में घाव हैं और उन्होंने ऐसे हालात देखे हैं, जो उन्हें परेशान और गुस्सा दिला सकते हैं, यह गुस्सा समझा जा सकता है।"

स्थानीय मीडिया के अनुसार, ईरान में विश्वविद्यालय के छात्रों ने शनिवार को सरकार के पक्ष और विरोध में रैलियां की। देखते ही देखते जनवरी में देश भर में हुए प्रदर्शनों के नारे एक बार फिर से शुरू हो गए।

इससे पहले जनवरी में जो हिंसक प्रदर्शन हुए थे, उसमें हजारों लोगों की मौत हो गई थी।

दिसंबर में बैन लगने के बाद देश में आर्थिक दिक्कतों की वजह से विरोध प्रदर्शन शुरू हुए थे, लेकिन 8 और 9 जनवरी को देशभर में हुए प्रदर्शनों में बदल गए। हालांकि, ईरान की खामेनेई सरकार ने इसके लिए अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।

ईरानी सरकार का आरोप है कि अमेरिका ईरान में अशांति फैलाना चाहता है। अमेरिका ईरान में सत्ता परिवर्तन चाहता है, जिसके लिए वह देश के मामलों में हस्तक्षेप करने की कोशिश कर रहा है और युवाओं को भड़का रहा है।

अमेरिका की मानवाधिकार गतिविधि से संबंधित न्यूज एजेंसी (एचआरएएनए) ने 7,000 से ज्यादा मौत का दावा किया। इसके साथ ही एजेंसी ने यह चेतावनी भी दी कि वास्तविक मौत का आंकड़ा इससे कहीं ज्यादा हो सकता है।

ईरानी अधिकारियों ने 3,000 से ज्यादा मौतों की बात मानी है, लेकिन उनका कहना है कि हिंसा अमेरिका और इजरायल की आतंकवादी हरकतों की वजह से हुई।

वहीं, प्रवक्ता मोहजेरानी ने मंगलवार को कहा कि एक फैक्ट-फाइंडिंग मिशन विरोध प्रदर्शनों के कारणों और फैक्टर्स की जांच कर रहा है और रिपोर्ट देगा।

--आईएएनएस

केके/एबीएम