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ईरान की ओर से जारी हमले और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सऊदी अरब में भारतीय दूतावास एक्टिव

रियाद, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जंग की वजह से इस वक्त पूरी दुनिया में तनाव का माहौल है। युद्ध जैसे हालात के बीच सरकारी कामकाज और शिक्षा पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट से कई देश अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम तेजी से कर रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब में भारतीय दूतावास भी सक्रिय है और लोगों की परेशानियों को दूर करने में जुटा है।
 
ईरान की ओर से जारी हमले और मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच सऊदी अरब में भारतीय दूतावास एक्टिव

रियाद, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच जंग की वजह से इस वक्त पूरी दुनिया में तनाव का माहौल है। युद्ध जैसे हालात के बीच सरकारी कामकाज और शिक्षा पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है। मिडिल ईस्ट से कई देश अपने नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकालने का काम तेजी से कर रहे हैं। इस बीच सऊदी अरब में भारतीय दूतावास भी सक्रिय है और लोगों की परेशानियों को दूर करने में जुटा है।

सऊदी अरब में भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "आज दम्मम, जुबैल और हेल में भारतीय दूतावास द्वारा दी जा रही कॉन्सुलर और अटेस्टेशन सेवाओं की झलक। सेंटर में आने वाले भारतीय प्रवासियों के कॉन्सुलर मुद्दों को संतोषजनक ढंग से हल किया जा रहा है।"

इससे पहले भारतीय दूतावास ने जानकारी दी कि रियाद में एक भारतीय की मौत हो गई। दूतावास ने भारतीय नागरिक की दुखद मृत्यु पर भारत सरकार और दूतावास की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की है।

दूतावास की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट किया गया, "रियाद में 18 मार्च को हुई हालिया घटनाओं में एक भारतीय नागरिक के दुखद निधन पर भारतीय दूतावास अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है। दूतावास मृतक के परिवार और स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। हम इस मामले में हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

सूत्रों के अनुसार, ईरान लगातार उन पड़ोसी देशों पर हमलावर बना हुआ है, जो इस युद्ध में अमेरिका-इजरायल के सहयोग में हैं। सऊदी अरब पर भी ईरान की ओर से लगातार हमले किए जा रहे हैं।

इससे पहले भी गुरुवार को सऊदी की राजधानी रियाद में हुई मीटिंग में 12 इस्लामिक देशों के विदेश मंत्रियों ने संयुक्त बयान में ईरान से हमले तुरंत रोकने और अंतरराष्ट्रीय कानून का सम्मान करने की बात कही थी।

यह बयान अजरबैजान, बहरीन, मिस्र, जॉर्डन, कुवैत, लेबनान, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, सीरिया, तुर्किए और संयुक्त अरब अमीरात के मंत्रियों की ओर से जारी किया गया था।

बयान में मंत्रियों ने खाड़ी देशों-जॉर्डन, अजरबैजान और तुर्किए पर हमलों की निंदा की। विदेश मंत्रियों ने कहा कि ईरान ने रिहायशी क्षेत्रों, नागरिकों के इलाके के ढांचे, जिसमें तेल की फैसिलिटी, डीसेलिनेशन प्लांट, एयरपोर्ट, रेजिडेंशियल बिल्डिंग और डिप्लोमैटिक जगहों को टारगेट किया है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी