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ईरान का आरोप, 'अमेरिका ने संघर्ष विराम की 3 शर्तें तोड़ीं'

तेहरान, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान पर इजरायली हमलों को ईरान ने संघर्ष विराम की अहम शर्तों का उल्लंघन करार दिया है। स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का आरोप है कि अमेरिका ने ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तें तोड़ी हैं।
 
ईरान का आरोप, 'अमेरिका ने संघर्ष विराम की 3 शर्तें तोड़ीं'

तेहरान, 9 अप्रैल (आईएएनएस)। लेबनान पर इजरायली हमलों को ईरान ने संघर्ष विराम की अहम शर्तों का उल्लंघन करार दिया है। स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ का आरोप है कि अमेरिका ने ने 10-पॉइंट प्रस्ताव की बुनियादी शर्तें तोड़ी हैं।

ईरान ने साफ कहा है कि जिस आधार पर बातचीत होनी थी, वह पहले ही टूट चुका है। ऐसे में अब बातचीत या सीजफायर तर्कसंगत नहीं रह गई है।

अंग्रेजी में लिखी तीन शर्तों के एक पोस्ट में हुए गालिबाफ ने कहा कि लेबनान, अमेरिका के साथ हुए दो हफ्ते के संघर्ष-विराम का एक अहम हिस्सा था। ईरान के सहयोगी होने के नाते लेबनान और पूरा रेजिस्टेंस ग्रुप इस संघर्ष-विराम का एक अभिन्न अंग हैं। दूसरा पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने साफतौर पर लेबनान का जिक्र किया था। इससे पीछे हटने का तो सवाल ही नहीं पैदा होता"

उन्होंने आगे कहा, "संघर्ष-विराम का उल्लंघन करने पर इसके स्पष्ट दुष्परिणाम होंगे और इसका करारा जवाब दिया जाएगा। इसलिए इस आग को जल्द बुझाया जाए।"

रेजिस्टेंस ग्रुप से मतलब फिलिस्तीन में हमास, लेबनान में हिज्बुल्लाह, यमन में हूती विद्रोही, इराक और सीरिया के विद्रोही संगठन से है। ये सभी गुट ईरान के कट्टर समर्थक हैं और इजरायल-यूएस के खिलाफ काम करते रहे हैं।

गालिबाफ ने ये टिप्पणी ऐसे समय में की है जब इजरायल ने लेबनान पर बुधवार को जबरदस्त बमबारी की और 254 लोग इसका शिकार हुए, तो वहीं एक हजार से ज्यादा लोग घायल हुए। इजरायल अपने हमले को जायज बता रहा है, तो वहीं यूरोपीय देशों ने इसकी खुलकर निंदा की है।

10 पॉइंट प्रस्ताव को लेकर ट्रंप प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि हिज्बुल्लाह इसका हिस्सा नहीं था।

डोनाल्ड ट्रंप ने ये भी कहा है कि जब तक ईरान के साथ हुआ समझौता पूरी तरह लागू नहीं होता, तब तक अमेरिकी सेना ईरान के आसपास तैनात रहेगी।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर चेतावनी दी कि अगर समझौते का पालन नहीं हुआ, तो फिर से गोलीबारी शुरू होगी, जो पहले से ज्यादा बड़ी, ताकतवर और विनाशकारी होगी। हालांकि उन्होंने कहा कि इसकी संभावना बेहद कम है, लेकिन अमेरिका पूरी तरह तैयार है।

--आईएएनएस

केआर/