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होर्मुज स्ट्रेट संकट पर ईरान-जर्मनी की चर्चा, अराघची ने अमेरिका को ठहराया जिम्मेदार

नई दिल्ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। क्षेत्रीय हालात और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों मंत्रियों ने ईरान ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।
 

नई द‍िल्‍ली, 11 अगस्त (आईएएनएस)। क्षेत्रीय हालात और होर्मुज स्ट्रेट की सुरक्षा को लेकर अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने फोन पर बातचीत की। इस दौरान दोनों मंत्र‍ियों ने ईरान ने अमेरिका-इजरायल की सैन्य कार्रवाई को तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए कूटनीतिक प्रयास जारी रखने पर जोर दिया।

इस्लामिक रिपब्लिक न्यूज एजेंसी (आईआरएनए) की र‍िपोर्ट के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची और जर्मनी के विदेश मंत्री जोहान वाडेफुल ने आपसी रिश्तों के साथ-साथ क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर भी चर्चा की।

अराघची ने वाडेफुल को ओमान के साथ चल रही बातचीत के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इन बैठकों का मकसद होर्मुज स्‍ट्रेट से जहाजों की आवाजाही के लिए एक सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना है।

आईआरएनए के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री ने कहा कि इस अहम समुद्री मार्ग में पैदा हुई असुरक्षा की स्थिति पूरी तरह अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ की गई सैन्य कार्रवाई का नतीजा है।

उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि होर्मुज स्‍ट्रेट के बंद होने से पैदा होने वाले सुरक्षा और आर्थिक प्रभावों के लिए अमेरिकी प्रशासन को जवाबदेह ठहराया जाए।

आईआरएनए के अनुसार, अराघची ने कहा कि इस जलमार्ग में सुरक्षा बहाल करने के लिए अमेरिका की आक्रामक कार्रवाइयों और गैरकानूनी दखलअंदाजी को समाप्त करना जरूरी है। इसमें समुद्री नाकाबंदी और इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन के तहत अमेरिका की प्रतिबद्धताओं के अन्य कथित उल्लंघन भी शामिल हैं।

दोनों विदेश मंत्रियों ने अलग-अलग स्तरों पर कूटनीतिक बातचीत और संपर्क जारी रखने की अहमियत पर भी जोर दिया।

इससे पहले अराघची ये साफ कर चुके हैं क‍ि इस समय हमारी अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। हालांकि, कुछ मध्यस्थ अब भी बातचीत दोबारा शुरू कराने के रास्ते तलाशने की कोशिश कर रहे हैं। हमारे नजरिए से तब तक वार्ता फिर से शुरू नहीं हो सकती, जब तक अमेरिका समझौते का उल्लंघन बंद नहीं करता और पहले किए गए उल्लंघनों की भरपाई नहीं करता।

--आईएएनएस

एवाई/एएस