ईरान-अमेरिका शांति समझौते पर सलीम इंजीनियर बोले- इससे कम हो सकती हैं तेल-गैस की कीमतें
नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। जमात-ए-इस्लामी हिंद के उपाध्यक्ष प्रो. सलीम इंजीनियर ने ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्तावित शांति समझौते का स्वागत करते हुए इसे पूरी दुनिया के लिए सकारात्मक और राहत देने वाला कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देशों के बीच अंतिम समझौते पर जल्द ही हस्ताक्षर होंगे, और इससे क्षेत्र में लंबे समय से बना तनाव कम होगा।
सलीम इंजीनियर ने आईएएनएस से कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच समझौता होना खुशी की बात है। इस समझौते से पश्चिम एशिया क्षेत्र में बना दबाव कम होगा और गैस तथा पेट्रोलियम की आपूर्ति में आ रही बाधाएं दूर होने की उम्मीद है। हाल के समय में आपूर्ति प्रभावित होने के कारण पेट्रोल, डीजल, गैस समेत कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई थी। ऐसे में इस समझौते का लाभ केवल क्षेत्रीय देशों को ही नहीं, बल्कि भारत जैसे देशों को भी मिल सकता है।
उन्होंने कहा कि यह समझौता कई दिनों की बातचीत और प्रयासों के बाद संभव हुआ है। सलीम इंजीनियर ने ईरान की जनता की भी सराहना करते हुए कहा कि संघर्ष और युद्ध जैसी परिस्थितियों में उन्होंने साहस और धैर्य का परिचय दिया। ईरान की जनता ने दुनिया के सामने यह उदाहरण पेश किया है कि जब किसी देश पर दबाव या हमला होता है तो वहां के लोग किस तरह एकजुट होकर उसका सामना करते हैं। हालांकि, उन्होंने गाजा की स्थिति पर भी चिंता जताई और कहा कि दुनिया के देशों को इजरायल और उसे समर्थन देने वाले अमेरिका पर दबाव बनाना चाहिए ताकि गाजा में हो रही हिंसा और मौतों का सिलसिला रोका जा सके।
वहीं, शिवसेना प्रवक्ता शाइना एनसी ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सभी की यही उम्मीद है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला रहे क्योंकि यह भारत और दुनिया के कई देशों के व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत की नीति हमेशा शांति को बढ़ावा देने की रही है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने रूस-यूक्रेन से लेकर इजरायल-ईरान जैसे अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर हमेशा शांति और स्थिरता का संदेश दिया है। भारत का एकमात्र उद्देश्य दुनिया में शांति और सौहार्द बनाए रखना है।
--आईएएनएस
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