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ईरान-अमेरिका सीजफायर को लेकर चर्चा के बीच तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का संचालन किया शुरू

तेहरान, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को हमला शुरू होने के बाद से ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ऑपरेशनल नहीं था। हालांकि, हमला शुरू होने के बाद पहली बार तेहरान से इंटरनेशनल विमानों का संचालन एकबार फिर से शुरू हो गया है।
 
ईरान-अमेरिका सीजफायर को लेकर चर्चा के बीच तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट का संचालन किया शुरू

तेहरान, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। अमेरिका और इजरायल की तरफ से 28 फरवरी को हमला शुरू होने के बाद से ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया था, जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट ऑपरेशनल नहीं था। हालांकि, हमला शुरू होने के बाद पहली बार तेहरान से इंटरनेशनल विमानों का संचालन एकबार फिर से शुरू हो गया है।

फ्लाइट-ट्रैकिंग वेबसाइट्स ने शनिवार की सुबह को तेहरान के इमाम खुमैनी एयरपोर्ट से इस्तांबुल के लिए चार फ्लाइट के ऑपरेशनल होने की जानकारी दी। ये सभी ईरानी एयरलाइन्स द्वारा ऑपरेट की गईं।

अर्द्ध-सरकारी मेहर न्यूज एजेंसी ने बताया, “घरेलू एयरलाइंस की कोशिशों से यात्रियों के पहले समूह को मदीना, मस्कट और इस्तांबुल भेजा गया।”

न्यूज एजेंसी ने आने वाले दिनों में विमानों के संचालन की संख्या में बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है। हालांकि, यह सीजफायर पर निर्भर करता है।

अमेरिकी मीडिया सीएनएन ने फ्लाइट डेटा के हवाले से बताया कि सऊदी अरब के मदीना और ओमान के मस्कट के लिए कोई फ्लाइट नहीं थी। ईरान के रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने दावा किया कि अमेरिका युद्ध के दलदल में फंस चुका है और इससे बचने के लिए अपनी इज्जत बचाने का रास्ता ढूंढ रहा है।

ईरान के आईएसएनए मीडिया आउटलेट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खास राजदूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर पाकिस्तान जा रहे हैं। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथी सीधी बातचीत से साफ इनकार कर दिया है, इसलिए अब दोनों पक्षों के बीच पाकिस्तान की मध्यस्थता से बातचीत होगी।

इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची पहले से ही पाकिस्तान में मौजूद हैं। वहां उन्होंने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर से मुलाकात की। इसके बाद वह ओमान और रूस की यात्रा करने वाले हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अराघची अपनी इस यात्रा के दौरान अमेरिकी अधिकारियों से सीधी बातचीत नहीं करेंगे।

तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, ओमान की राजधानी मस्कट में वे क्षेत्रीय मुद्दों और युद्ध से जुड़े विषयों पर चर्चा करेंगे, जबकि रूस में वे द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय हालात पर बातचीत करेंगे।

अराघची ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी यात्रा पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि वे इस्लामाबाद, मस्कट और मॉस्को की यात्रा पर जा रहे हैं। उन्होंने कहा, "मेरी इन यात्राओं का उद्देश्य द्विपक्षीय मामलों पर हमारे साझेदारों के साथ घनिष्ठ समन्वय स्थापित करना और क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर परामर्श करना है। हमारे पड़ोसी हमारी प्राथमिकता हैं।"

तस्नीम ने यह भी बताया कि फिलहाल ईरान की अमेरिका के साथ बातचीत करने की कोई योजना नहीं है और अराघची की इस्लामाबाद यात्रा का उद्देश्य अमेरिकी पक्ष के साथ बातचीत करना नहीं है।

--आईएएनएस

केके/डीकेपी