आईपीएल के अनुभव से सिर्फ टी20 क्रिकेट ही नहीं, बहुत कुछ सीखा: रचिन रवींद्र
नई दिल्ली, 23 मई (आईएएनएस)। न्यूजीलैंड के युवा ऑलराउंडर रचिन रवींद्र आयरलैंड के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट की तैयारी के लिए आईपीएल को बीच में छोड़कर स्वदेश वापस लौट गए थे। रवींद्र अपनी टीम कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की सहमति से वापस गए थे। इस ऑलराउंडर का कहना है कि आईपीएल से जल्दी लौटने की वजह से उन्हें आयरलैंड के खिलाफ होने वाले टेस्ट से पहले मानसिक और शारीरिक तौर पर तैयार होने में मदद मिली है।
ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक रवींद्र ने कहा, "केकेआर ने मेरा बहुत अच्छे से स्वागत किया। हालांकि, टीम संतुलन की वजह से मुझे खेलने का मौका नहीं मिल रहा था। मैंने सीईओ और कोच से बात करके यह फैसला लिया कि कुछ दिनों के लिए घर जाकर खुद को तरोताजा कर लूं। मुझे यह भी पता था कि इसके बाद मैं अगस्त के आखिर तक घर नहीं लौट पाऊंगा, क्योंकि आगे बहुत सारे मैच होने वाले हैं।"
रवींद्र ने कहा, "केकेआर मैनेजमेंट ने मुझे घर जाने की इजाजत देते हुए कहा कि घर जाओ, खुद को तरोताजा करो, थोड़ी ट्रेनिंग करो, और आयरलैंड में टीम के साथ जुड़ने से पहले जो कुछ भी तुम्हें चाहिए, वह सब कर लो। यह मेरे लिए इसलिए भी आसान हो गया, क्योंकि मैं उस समय खेल नहीं रहा था। यह खुद को तरोताजा करने का एक बहुत ही बढ़िया मौका था। हम अक्सर घर से दूर ही रहते हैं, ऐसे में घर पर बिताए चार-पांच दिन भी मेरे लिए बहुत ही शानदार रहे।"
युवा ऑलराउंडर ने कहा, "मुझे मैच खेले थोड़ा समय हो गया है। आईपीएल के दौरान मैदान पर खिलाड़ियों के लिए ड्रिंक्स ले जाने, ट्रेनिंग करने और साथी खिलाड़ियों से बातचीत करने के जो मौके मुझे मिले, वे बहुत ही शानदार रहे। मुझे ऐसा बिल्कुल भी नहीं लग रहा कि मैं मैच खेलने के अभ्यास से बहुत ज्यादा दूर हो गया हूं। मुझे लगता है कि इससे पहले हमारा शेड्यूल बहुत ही ज्यादा व्यस्त और थकाने वाला था।"
रवींद्र ने कहा, "टेस्ट क्रिकेट बहुत ज्यादा जरूरी है, खासकर आयरलैंड और इंग्लैंड में होने वाली सीरीज। इसलिए मैं खुद को तैयारी का मौका देना चाहता था। मैं एक दिन के लिए क्राइस्टचर्च गया था और वहां मैंने कुछ ट्रेनिंग सेशन किए। वहां घास वाली पिच पर अभ्यास करने की अच्छी सुविधाएं थीं।"
आईपीएल से मिले अनुभव के बारे में रवींद्र ने कहा, "क्रिकेट खेलने और ट्रेनिंग करने के अपने फायदे हैं। आईपीएल में होने के भी बहुत बड़े फायदे हैं। आपको अजिंक्य रहाणे जैसे खिलाड़ी से बात करने का मौका मिलता है। वह एक बहुत ही अच्छे इंसान हैं। विदेशों में उन्होंने बहुत क्रिकेट खेला है। लॉर्ड्स में शतक बनाया है। इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ उनके देश में बहुत खेला है।"
उन्होंने कहा, "केकेआर के कोच अभिषेक नायर, जो पहले भारत के सहायक कोच रह चुके हैं, और शेन वॉटसन हैं, जो हमारे बल्लेबाजी कोच हैं। उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ बहुत क्रिकेट खेला है और ऐसे कई खिलाड़ियों को कोचिंग दी है जिन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ खेला है। यह सिर्फ टी20 फॉर्मेट तक ही सीमित नहीं है, बल्कि उससे कहीं ज्यादा है। विराट कोहली के साथ बैठकर बल्लेबाजी के बारे में बात करना, या केएल राहुल से बात करना—ये सभी ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होंने लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है और सफलता हासिल की है।"
रवींद्र एक सक्षम स्पिनर भी हैं। अपनी गेंदबाजी को लेकर उन्होंने कहा, "मुझे अपनी गेंदबाजी में हमेशा दिलचस्पी रही है। कभी-कभी यह थोड़ा पीछे रह जाती है। मैं निश्चित रूप से इस पर थोड़ा और काम करने की कोशिश कर रहा हूं। टी20 विश्व कप में मुझे कुछ मौके मिले थे, जो बहुत बढ़िया रहे। कुछ मौकों पर, जब पिच गेंदबाजों के लिए मददगार थी, तो कुछ ओवर गेंदबाजी करना अच्छा लगा। टेस्ट क्रिकेट बिल्कुल अलग है। इसमें अलग तरह की गेंद इस्तेमाल होती है, इसलिए आपको ज्यादा ऊर्जा के साथ प्रदर्शन करना पड़ता है। मुझे मौका मिला, तो गेंदबाजी पसंद करूंगा।'
न्यूजीलैंड की टीम शनिवार को आयरलैंड के लिए रवाना हो गई। एकमात्र टेस्ट 27 से 30 मई तक खेला जाएगा। यह 4-दिवसीय टेस्ट विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा नहीं है। आयरलैंड सीरीज के बाद न्यूजीलैंड इंग्लैंड के खिलाफ 3-टेस्ट मैचों की सीरीज खेलेगी।
--आईएएनएस
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