इंदौर दूषित जल मामला : अनुराग ढांडा ने केंद्र पर साधा निशाना, केंद्रीय जांच एजेंसी की मांग की
रोहतक, 2 जनवरी (आईएएनएस)। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने मध्य प्रदेश के इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और भाजपा नेता कैलाश विजयवर्गीय द्वारा एक पत्रकार के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा के इस्तेमाल को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे सत्ता का अहंकार और जवाबदेही से बचने की कोशिश बताया।
अनुराग ढांडा ने कहा कि इंदौर में हालात बेहद गंभीर हैं। जिस शहर की बात हो रही है, वहां सांसद भाजपा के हैं, विधायक भाजपा के हैं, पार्षद भाजपा के हैं, और मुख्यमंत्री भी भाजपा के हैं। इसके बावजूद गंदा पानी पीने से 14 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों लोग अभी भी बीमार हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब ऐसी त्रासदी के बाद पत्रकार जवाब मांगते हैं, तो उनसे अभद्र भाषा में बात क्यों की जाती है।
उन्होंने कैलाश विजयवर्गीय के बयान पर नाराजगी जताते हुए कहा कि पत्रकारों से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल साफ दिखाता है कि सत्ता में बैठे लोग सवालों से बौखला जाते हैं। जब-जब पत्रकार सत्ता से सवाल पूछते हैं और जवाब देने में नाकामी सामने आती है, तब-तब इसी तरह की भाषा का सहारा लिया जाता है।
'आप' नेता ने इस पूरे मामले को भाजपा की 'तानाशाही सोच' का उदाहरण बताया। उनके अनुसार, सवाल पूछने वालों को दबाने की कोशिश लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। उन्होंने मांग की कि पीने के पानी और सीवरेज की जांच के लिए एक स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी बनाई जाए ताकि देश के किसी भी शहर में भविष्य में ऐसी त्रासदी न दोहराई जाए।
अनुराग ढांडा ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए।
उन्होंने कहा, "बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचार यह दिखाते हैं कि केंद्र सरकार की विदेश नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। भारत के पड़ोसी देशों में हालात ऐसे बन गए हैं कि कहीं अल्पसंख्यकों पर हमले हो रहे हैं और कहीं-कहीं गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनती दिख रही है।"
अनुराग ढांडा ने कहा कि ये सभी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि केंद्र सरकार की नीतियां न तो देश के भीतर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित कर पा रही हैं और न ही पड़ोसी देशों के साथ हालात को संभाल पा रही हैं। 'आप' नेता ने मांग की कि सरकार जवाबदेही तय करे।
--आईएएनएस
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