जीतू पटवारी ने सरकार को घेरा, बोले- इंदौर में दूषित पानी से 23 लोगों की जान चली गई
भोपाल, 14 जनवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश से कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों का जिक्र करते हुए प्रदेश की सरकार को निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इसे छोटी घटना बता रही है।
भोपाल में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में 23 लोगों की मौत की घटना को एक छोटी-सी बात बताया। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि जो लोग सवाल पूछते हैं, उनमें शर्म नहीं है और वे बेशर्म हैं, लेकिन यही सवाल उमा भारती ने भी उठाए थे। यही सवाल सुमित्रा महाजन ने भी उठाया था, और इंदौर के लाखों लोगों ने भी उठाया था। वे पूछ रहे हैं कि मध्य प्रदेश सरकार, जो 25 वर्षों में एक गिलास साफ पीने का पानी भी नहीं दे पाई, वह 23 मौतों के लिए कैसे जिम्मेदार नहीं हो सकती है।
इंदौर वाली घटना पर सवाल उठाने वाले सभी लोग बेशर्म हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि मुख्यमंत्री ने धमकी भरे लहजे में कहा कि 'अगर यह मामला बाहर आया, तो बहुत दूर तक जाएगा।' ऐसी भाषा इतने बड़े पद पर बैठे व्यक्ति को शोभा नहीं देती। पद की एक गरिमा होती है। आपने अपना दायित्व नहीं निभाया है। आपने 10 महीने के बेटे की मां की वेदना को नहीं समझा। यह मां आहिल्या की नगरी है, न्याय की नगरी है। इसीलिए हम चाहते हैं कि न्याय होना चाहिए।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार कहती है कि लोगों तक शुद्ध जल मुहैया कराया जा रहा है, तो फिर वाटर ऑडिट क्यों करा रहे हैं? सच यह है कि सरकार मध्य प्रदेश में शुद्ध जल मुहैया कराने में असफल हुई है।
राहुल गांधी के इंदौर दौरे को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि इंदौर में भाजपा सरकार की घोर लापरवाही और असंवेदनशीलता के कारण मल युक्त दूषित पानी पीने से 23 निर्दोष नागरिकों की असामयिक मृत्यु हो गई। इस अत्यंत पीड़ा और शोक की घड़ी में हमारे नेता, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, 17 जनवरी को इंदौर आ रहे हैं।
कांग्रेस नेता ने कहा कि राहुल गांधी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं और इंदौर दौरे के दौरान वे पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना प्रकट करेंगे।
--आईएएनएस
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