इंदौर के भागीरथपुरा कांड के जांच आयोग ने मानी पानी प्रदूषित होने की बात : उमंग सिंघार
इंदौर 2 अक्टूबर (आईएएनएस) मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से हुई मौत को लेकर गठित न्यायिक जांच आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा है कि रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है कि इंदौर में प्रदूषित पानी से मौत हुई थी।
इंदौर स्थित रेसीडेंसी में विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भागीरथपुरा दूषित पेयजल त्रासदी और न्यायिक जांच रिपोर्ट को लेकर संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि यह घटना स्वच्छता के लिए देशभर में पहचान रखने वाले इंदौर शहर में नागरिकों के जीवन, सुरक्षित पेयजल, प्रशासनिक जवाबदेही और नगर व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने आगे कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग ने पेयजल प्रदूषण के कारणों, बीमारी एवं मौतों, प्रशासनिक और तकनीकी खामियों तथा जिम्मेदारी की जांच की। आयोग की रिपोर्ट में पेयजल के दूषित होने, प्रशासनिक देरी और महत्वपूर्ण तकनीकी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जाने से जुड़े गंभीर तथ्य सामने आए हैं। उन्होंने कहा है कि इंदौर देश के सबसे स्वच्छ शहरों में अपनी पहचान रखता है, लेकिन भागीरथपुरा की घटना ने नागरिकों को उपलब्ध कराए जा रहे पेयजल की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत जीवन के अधिकार में सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की मूलभूत आवश्यकता भी शामिल है।इंदौर जैसे बड़े शहरी एवं आर्थिक केंद्र में, पर्याप्त प्रशासनिक संसाधनों के बावजूद ऐसी घटना होना गंभीर चिंता का विषय है। नेता प्रतिपक्ष ने आगे कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पेयजल प्रदूषण, मौतों एवं बीमारियों के कारणों, प्रशासनिक विफलताओं तथा जिम्मेदारी की जांच के लिए न्यायिक जांच आयोग गठित किया।
आयोग ने अगस्त 2026 में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की और बाद में हाईकोर्ट ने रिपोर्ट को आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करने के निर्देश दिए। आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आयोग की रिपोर्ट के अनुसार भागीरथपुरा में आपूर्ति किया जा रहा पेयजल दूषित और मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाया गया।
जांच में सीवेज के पेयजल पाइपलाइन में प्रवेश को प्रदूषण का प्रमुख कारण बताया गया।आयोग ने 36 मौतों का परीक्षण किया, जिनमें से 22 मौतों को दूषित पानी से संबंधित माना गया।रिपोर्ट में जल एवं सीवरेज व्यवस्था की योजना, रखरखाव, निगरानी और पर्यवेक्षण में व्यवस्थागत कमियों की ओर भी संकेत किया गया है।
--आईएएनएस
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