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मिश्रित वैश्विक संकेतों के बीच भारतीय शेयर बाजार हल्की गिरावट के साथ खुला

मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हल्की गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 87.92 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,441.15 और निफ्टी 51.20 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,665 पर था।
 

मुंबई, 30 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में हल्की गिरावट के साथ खुला। इस दौरान सेंसेक्स 87.92 अंक या 0.12 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 72,441.15 और निफ्टी 51.20 अंक या 0.23 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,665 पर था।

लार्जकैप की अपेक्षा स्मॉलकैप और मिडकैप में खरीदारी देखी जा रही थी। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 219 अंक या 0.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,585 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 99 अंक या 0.52 प्रतिशत की मजबूती के साथ 19,300 पर था।

सूचकांकों में निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी इंडिया डिफेंस, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी पीएसई, निफ्टी ऑटो, निफ्टी रियल्टी और निफ्टी एफएमसीजी गेनर्स थे। निफ्टी मेटल, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी फार्मा लूजर्स थे।

सेंसेक्स पैक में टीसीएस, इंडिगो, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक,कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, एचयूएल, मारुति सुजुकी, अल्ट्राटेक सीमेंट,एलएंडटी, एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी और टाटा स्टील गेनर्स थे। एचडीएफसी बैंक, सन फार्मा, एनटीपीसी,टाइटन, बजाज फाइनेंस, एक्सिस बैंक, भारती एयरटेल और बजाज फिनसर्व लूजर्स थे।

वैश्विक बाजारों में मिलाजुला कारोबार हो रहा था। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और ताइपे हरे निशान में थे। वहीं, सोल, बैंकॉक और हांगकांग लाल निशान में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए थे, जिसमें मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 0.26 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और टेक्नोलॉजी इंडेक्स नैस्डैक 0.09 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ बंद हुआ।

एक्सपर्ट्स ने कहा कि सितंबर में अब तक निफ्टी में आई 5.67 प्रतिशत की भारी गिरावट की मुख्य वजह कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और यूएस बॉन्ड यील्ड का बढ़ना था। जब एफआईआई ने बड़े पैमाने पर बिकवाली शुरू की, तो पिछले कुछ दिनों में यह गिरावट और तेज हो गई। पिछले चार ट्रेडिंग दिनों में एफआईआई ने 24,054 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जो कि बहुत बड़ी बिकवाली है। 10-साल के यूएस बॉन्ड यील्ड के 5.2 प्रतिशत के आसपास रहने को देखते हुए, एफआईआई की यह बिकवाली एक समझदारी भरा कदम है।

उन्होंने आगे कहा कि भारतीय निवेशकों के नजरिए से, मार्केट में आई यह तेज गिरावट एक मौका है। अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं वाली लार्ज-कैप कंपनियों के वैल्यूएशन अब आकर्षक स्तर पर आ गए हैं।

--आईएएनएस

एबीएस