भारतीय शेयर बाजार कमजोर वैश्विक संकेतों से लाल निशान में खुला, आईटी और सर्विसेज पर दबाव
मुंबई, 9 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:22 पर सेंसेक्स 533 अंक या 0.71 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75,044 और निफ्टी 135 अंक या 0.57 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 23,498 पर था।
शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव बनाने का काम आईटी और सर्विसेज सेक्टर ने किया। सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी सर्विसेज टॉप लूजर्स थे। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी ऑटो, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी मीडिया, निफ्टी कंज्पशन, निफ्टी ऑयलएंडगैस और निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग भी लाल निशान में थे।
वहीं, निफ्टी एनर्जी, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी पीएसई, निफ्टी फार्मा, निफ्टी मेटल और निफ्टी कमोडिटीज हरे निशान में थे।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, बीईएल, अदाणी पोर्ट्स और कोटक महिंद्रा बैंक गेनर्स थे।
एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टीसीएस, एचयूएल, एमएंडएम, भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट,आईसीआईसीआई बैंक, इटरनल, एसबीआई, एक्सिस बैंक, आईटीसी, टाइटन, मारुति सुजुकी और एशियन पेंट्स लूजर्स थे।
एशियाई बाजारों में मिलाजुला कारोबार हुआ है। टोक्यो, शंघाई, बैंकॉक और सोल हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता लाल निशान में था। अमेरिकी बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुए थे। मुख्य सूचकांक डाओ जोन्स 1.18 प्रतिशत की कमजोरी के साथ और नैस्डैक 0.32 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
जानकारों ने कहा कि अभी मार्केट पर दो बड़ी चुनौतियों का असर पड़ रहा है। पहली, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई है, जो अर्थव्यवस्था पर दबाव डाल रही है। दूसरी, तेजी से बढ़ते आईपीओ मार्केट की वजह से मार्केट से लिक्विडिटीकम हो रही है, जिससे निफ्टी में लगातार गिरावट देखी जा रही है। शायद, दूसरी वजह का असर पहली वजह से ज्यादा है।
उन्होंने आगे कहा कि जून के बाद से आईपीओ से होने वाला लिस्टिंग गेन बढ़कर लगभग 22 प्रतिशत हो गया है, जिससे रिटेल और इंस्टीट्यूशनल, दोनों तरह के निवेशक आईपीओ मार्केट की ओर आकर्षित हो रहे हैं। यह बात समझ में आती है क्योंकि इस साल अब तक निफ्टी का रिटर्न -9.5 प्रतिशत रहा है। यहां तक कि एफआईआई, जिन्होंने इस साल अब तक एक्सचेंजों के जरिए 2,84,000 करोड़ रुपए की इक्विटी बेची है, उन्होंने भी इस साल अब तक आईपीओ में लगभग 36,000 करोड़ रुपए का निवेश किया है।
--आईएएनएस
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