भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, मेटल स्टॉक्स में हुई भारी बिकवाली
मुंबई, 8 जनवरी (आईएएनएस)। भारतीय शेयर बाजार गुरुवार के कारोबारी सत्र में बड़ी बिकवाली के साथ बंद हुआ। बाजार में चौतरफा गिरावट देखने को मिली। दिन के अंत में सेंसेक्स 780.18 अंक या 0.92 प्रतिशत की गिरावट के साथ 84,180.96 और निफ्टी 263.90 अंक या 1.01 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,876.85 पर था।
बाजार पर दबाव बनाने का काम मेटल शेयरों ने किया। निफ्टी मेटल इंडेक्स 3.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी एनर्जी 2.89 प्रतिशत, निफ्टी ऑयलएंडगैस 2.84 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.48 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 2.40 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 2.08 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.99 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 1.71 और निफ्टी फार्मा 1.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ।
सत्र में कोई भी मुख्य सूचकांक हरे निशान में बंद होने में कामयाब नहीं रहा।
लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी बिकवाली हुई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,202.15 अंक या 1.96 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 60,222.55 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 357.45 अंक या 1.99 प्रतिशत की गिरावट के साथ 17,601.05 पर बंद हुआ।
सेंसेक्स पैक में एलएंडटी, टेक महिंद्रा, टीसीएस, टाटा स्टील, ट्रेंट, पावर ग्रिड, इन्फोसिस, एनटीपीसी, सन फार्मा, अल्ट्राटेक सीमेंट, बजाज फिनसर्व, मारुति सुजुकी, इंडिगो, एसबीआई, भारती एयरटेल, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा, एमएंडएम, टाइटन और एशियन रेंट्स और एचयूएल लूजर्स थे। इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, बजाज फाइनेंस और बीईएल गेनर्स थे।
व्यापक बाजार में भी गिरावट का रुझान था, बढ़ने वाले शेयरों की अपेक्षा गिरने वाले शेयरों की संख्या अधिक थी।
बाजार के जानकारों ने कहा कि घरेलू बाजारों में गिरावट की वजह अमेरिकी टैरिफ के बढ़ने की आशंका और एफआईआई की ओर से लगातार की जा रही बिकवाली है। इस गिरावट का नेतृत्व ऑयल एंड गैस, आईटी शेयरों ने किया।
उन्होंने आगे कहा कि हालांकि, घरेलू स्तर पर अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है। वित्त वर्ष 26 के लिए जारी किए गए पहले अग्रिम अनुमान में भी यह स्पष्ट रूप से दिखा।
--आईएएनएस
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