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भारतीय थलसेना के इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप की कमान टू-स्टार जनरल के हाथों में… आईबीजी के कॉमन फायरपावर पावर पूल के लिए फायर सपोर्ट ग्रुप भी तैयार

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। चीन ने अपनी सैन्य संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए पूरे देश को पांच थिएटर कमांड में बांट दिया है। भारतीय सीमा से सटी वेस्टर्न थिएटर कमांड में भी वह लगातार अपनी सैन्य तैनाती और स्ट्रक्चर में बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में उसने अपनी पारंपरिक डिवीजनों को बदलकर कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में तब्दील कर दिया है।
 

नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। चीन ने अपनी सैन्य संरचना में बड़ा बदलाव करते हुए पूरे देश को पांच थिएटर कमांड में बांट दिया है। भारतीय सीमा से सटी वेस्टर्न थिएटर कमांड में भी वह लगातार अपनी सैन्य तैनाती और स्ट्रक्चर में बदलाव कर रहा है। इसी कड़ी में उसने अपनी पारंपरिक डिवीजनों को बदलकर कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में तब्दील कर दिया है।

भारतीय सेना ने भी इस बदलाव का जवाब देने के लिए इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) पर पहले ही काम शुरू कर दिया था। इसी कड़ी में 1 जुलाई से छह मेजर जनरल रैंक के अधिकारियों ने पांच आईबीजी और एक फायर सपोर्ट ग्रुप की कमान संभाल ली है।

हाई एल्टीट्यूड एरिया में युद्ध क्षमता बढ़ाने के लिए भारतीय सेना पहले ही माउंटेन कोर का गठन कर चुकी थी। अब इन्हीं माउंटेन कोर के तहत आईबीजी बनाए जा रहे हैं। फिलहाल सबसे पहले पूर्वी सेक्टर में स्थित माउंटेन स्ट्राइक कोर को आईबीजी में बदला गया है। इसके तहत पांच आईबीजी और एक फायर सपोर्ट ग्रुप का गठन किया गया है। आईबीजी बनने के बाद अब इस स्ट्राइक कोर में सेना की पारंपरिक स्ट्रक्चर का अहम हिस्सा रही डिवीजन खत्म हो गई है।

आईबीजी यानी इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप का मकसद सेना की अलग-अलग जंग लड़ने क्षमताओं—इन्फैंट्री, आर्मर्ड, आर्टिलरी और आर्मी एविएशन—को इंटीग्रेटेड कमान के तहत लाकर बेहतर समन्वय और तेज कार्रवाई सुनिश्चित करना है।

आईबीजी की कमान 2-स्टार जनरल, यानी मेजर जनरल रैंक के अधिकारी के हाथों में दी गई है। एक माउंटेन स्ट्राइक कोर के आईबीजी में इन्फैंट्री सैनिकों के साथ इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल, टैंक, आर्टिलरी गन और हेलीकॉप्टर भी शामिल हैं। वे किसी भी मौसम में तेजी से कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार रहेंगे।

अब तक इन्फैंट्री, आर्टिलरी और टैंक रेजिमेंट अलग-अलग यूनिट के रूप में काम करती थीं, लेकिन आईबीजी में ये सभी इंटीग्रेटेड स्ट्रक्चर के तहत काम करेंगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि जंग की स्थिति में अलग-अलग जगह पर तैनात यूनिटों को एक साथ लाने में लगने वाला समय काफी कम हो जाएगा। ये ग्रुप रैपिड रिस्पॉन्स फोर्स की तरह काम करेंगे।

पांच इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप (आईबीजी) के साथ भारतीय सेना ने एक अलग फायर सपोर्ट ग्रुप (एफएसजी) का भी गठन किया है। इसकी कमान भी 2-स्टार जनरल यानी मेजर जनरल रैंक के अधिकारी के हाथों में दी गई है। एफएसजी को युद्धक्षेत्र में सेना की लॉन्ग-रेंज फायरपावर का सेंटर बनाया गया है। इसमें लांग रेंज आर्टिलरी गन, मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम, प्रिसिजन स्ट्राइक हथियार और अत्याधुनिक सर्वेलांस सिस्टम को एक ही कमान के तहत इंटीग्रेटेड किया गया है।

जंग के यह ग्रुप जरूरत के मुताबिक किसी भी आईबीजी को तुरंत फायर सपोर्ट उपलब्ध कराएगा। इससे अलग-अलग फॉर्मेशन से तोपखाने या रॉकेट सिस्टम जुटाने में लगने वाला समय बचेगा और कमांडर को कम समय में कहीं ज्यादा सटीक और प्रभावी फायरपावर मिलेगी। साफ शब्दों में कहें तो एफएसजी, आईबीजी के लिए एक कॉमन फायरपावर पूल की तरह काम करेगा, जरूरत के मुताबिक किसी भी फ्रंट पर तुरंत इस्तेमाल किया जा सकेगा।

भारतीय सेना का टार्गेट पश्चिमी और पूर्वी सीमाओं की सुरक्षा के लिए आईबीजी तैयार कर तैनात करना है। पारंपरिक व्यवस्था में एक कोर के तहत डिवीजन और फिर डिवीजन के तहत ब्रिगेड होती हैं, लेकिन आईबीजी मॉडल में डिविजन वाली एक पूरी लेयर खत्म हो जाएगी और फैसला लेने व कार्रवाई की तेजी बढ़ेगी।

आईबीजी में पैदल सैनिक, टैंक, तोपखाना, इंजीनियर्स, लॉजिस्टिक्स और अन्य सभी जरूरी सपोर्ट यूनिट एक साथ होंगी। हर आईबीजी में लगभग 5,500 से 6,000 सैनिक होंगे। अभी तक ये सभी अलग-अलग यूनिट के रूप में तैनात रहते थे और युद्ध के समय एक साथ आते थे, लेकिन आईबीजी व्यवस्था में ये पीस टाइम में भी साथ रहेंगे और साझा युद्धाभ्यास करेंगे।

आईबीजी का स्ट्रक्चर हर क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और ऑपरेशनल जरूरतों के हिसाब से अलग-अलग होगा।

आईबीजी ने कुछ साल पहले चीन सीमा के पास 'हिमविजय' नाम से युद्धाभ्यास किया था। इसी अभ्यास के दौरान पहली बार आईबीजी का सफल ट्रायल भी किया था।

चीन ने भी तेजी से कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड बनाए हैं। चीनी पीएलए (पीएलए) ने भी अपने रीस्ट्रक्चर करना शुरू कर दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, शिनजियांग मिलिट्री डिस्ट्रिक्ट में पीएलए ने अपनी चार डिवीजनों—4वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री और 6वीं, 8वीं तथा 11वीं मोटराइज्ड इन्फैंट्री डिवीजन—को कंबाइंड आर्म्स ब्रिगेड में बदल दिया था।

--आईएएनएस

एमएस/