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भारत-न्यूजीलैंड एफटीए विजयदशमी पर होगा लागू, दोनों देशों के बीच शुल्क मुक्त कारोबार को मिलेगा बढ़ावा

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) 20 अक्टूबर यानी विजयदशमी (दशहरा) पर लागू होने जा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से सोमवार को दी गई।
 

नई दिल्ली, 21 सितंबर (आईएएनएस)। भारत-न्यूजीलैंड एफटीए (फ्री ट्रेड एग्रीमेंट) 20 अक्टूबर यानी विजयदशमी (दशहरा) पर लागू होने जा रहा है। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से सोमवार को दी गई।

इस एफटीए को दोनों देशों की जीत बताते हुए गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर की एक पोस्ट में लिखा कि भारत-न्यूजीलैंड एफटीए विजयदशमी के मौके पर 20 अक्टूबर 2026 को लागू होगा।

बीते हफ्ते आईएएनएस के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने कहा था कि भारत और न्यूजीलैंड एफटीए अगले एक महीने के भीतर लागू होने की उम्मीद है।

मैक्ले ने कहा कि न्यूजीलैंड की संसद ने एफटीए को को मंजूरी दी है और दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का मजबूत समर्थन मिला। कुल 93 सांसदों ने समझौते के पक्ष में, जबकि 26 सांसदों ने इसके खिलाफ मतदान किया।

मंत्री ने इस समझौते को न्यूजीलैंड और भारत द्वारा किए गए सबसे अच्छे व्यापार समझौतों में से एक बताया और कहा कि इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को काफी बढ़ावा मिल सकता है।

उन्होंने बताया कि न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जताई है।

मैक्ले ने कहा, "मुझे लगता है कि अब यह लक्ष्य हासिल करना पूरी तरह संभव है।"

इससे पहले, गोयल ने भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह समझौता केवल वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कई नए क्षेत्रों में अपार संभावनाएं खुलेंगी।

न्होंने कहा कि इस समझौते के तहत भारत से न्यूजीलैंड जाने वाले अधिकांश उत्पादों पर अब शून्य (जीरो) शुल्क लगेगा, जिससे भारतीय निर्यात को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि इस समझौते के जरिए न्यूजीलैंड का बाजार भारत के लिए लगभग 140 सेवा क्षेत्रों में खुल गया है। इसके अलावा शिक्षा, खेल, संस्कृति, कृषि उत्पादकता और तकनीकी सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी साझेदारी को बढ़ावा मिलेगा।

--आईएएनएस

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