भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 9.905 बिलियन डॉलर बढ़कर 716.907 बिलियन डॉलर हुआ
नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 14 अगस्त को समाप्त हुए सप्ताह में 9.905 बिलियन डॉलर बढ़कर 716.907 बिलियन डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी शुक्रवार को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा जारी किए गए डेटा में दी गई।
इससे पहले 7 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में देश का विदेशी मुद्रा भंडार 14.136 बिलियन डॉलर बढ़ा था।
आरबीआई के डेटा के मुताबिक, 14 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एफसीए) की वैल्यू 7.225 बिलियन डॉलर बढ़कर 581.851 बिलियन डॉलर हो गई है।
एफसीए में डॉलर के साथ दुनिया की कई अहम वैश्विक मुद्राएं जैसे येन, यूरो और पाउंड होती हैं, जिनकी वैल्यू को डॉलर में दिखाया जाता है।
इस दौरान, विदेशी मुद्रा भंडार के दूसरे सबसे बड़े घटक गोल्ड रिजर्व की वैल्यू 2.679 बिलियन डॉलर बढ़कर 111.417 बिलियन डॉलर हो गई है।
आरबीआई के अनुसार, 14 अगस्त को समाप्त हुए हफ्ते में एसडीआर की वैल्यू 5 मिलियन डॉलर घटकर 18.740 बिलियन डॉलर रही है। वहीं, भारत की आरबीआई में रिजर्व पॉजिशन 5 मिलियन डॉलर बढ़कर 4.899 बिलियन डॉलर पर पहुंच गई है।
किसी भी देश के लिए उसका विदेशी मुद्रा भंडार काफी महत्वपूर्ण होता है, और इससे उस देश की आर्थिक स्थिति का पता लगता है। इससे अलावा, यह मुद्रा की विनिमय दर को स्थिर रखने में बड़ी भूमिका निभाता है।
उदाहरण के लिए अगर किसी स्थिति में डॉलर के मुकाबले रुपए पर अधिक दबाव देखने को मिलता है और उसकी वैल्यू कम होती है तो केंद्रीय बैंक विदेशी मुद्रा भंडार का इस्तेमाल कर डॉलर के मुकाबले रुपए को गिरने से रोक सकता है और विनिमय दर को स्थिर रखता है।
बढ़ता हुआ विदेशी मुद्रा भंडार यह भी दिखाता है कि देश में डॉलर की आवक बड़ी मात्रा में बनी हुई है और यह देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाता है। साथ ही इसके बढ़ने से देश के लिए विदेशों में व्यापार करना भी आसान हो जाता है।
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