वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच भारत ने सुनिश्चित की ईंधन आपूर्ति, अब हटेंगी अस्थायी पाबंदियां: जी. किशन रेड्डी
नई दिल्ली, 1 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को कहा कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में स्थिति सामान्य होने के बाद केंद्र सरकार ने 1 जुलाई 2026 से ईंधन की बिक्री और आपूर्ति पर लगाई गई अस्थायी पाबंदियों को हटाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि संकट के दौरान सरकार ने पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए आम लोगों को राहत दी और अंतरराष्ट्रीय कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को किफायती दरों पर एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया।
केंद्रीय मंत्री जी. किशन रेड्डी ने कहा कि जब वैश्विक ऊर्जा संकट अपने चरम पर था, तब केंद्र सरकार ने थोक ईंधन खरीद पर कुछ अस्थायी नियम लागू किए थे, जिनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे और गरीब तथा कमजोर वर्गों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि अब वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में सुधार होने के बाद इन अस्थायी नियमों की आवश्यकता नहीं रह गई है, इसलिए इन्हें वापस लिया जा रहा है।
सरकार के नए फैसले के तहत पेट्रोल पंपों से हाई-स्पीड डीजल (एचएसडी) की खरीद पर लागू 200 लीटर प्रतिदिन की सीमा समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही उद्योगों और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ताओं को अब केवल निर्धारित कंज्यूमर पंपों से ही नहीं, बल्कि किसी भी पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदने की अनुमति होगी।
सरकार का मानना है कि इससे उद्योगों और व्यवसायों के लिए ईंधन खरीदना अधिक आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।
केंद्रीय मंत्री ने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह सामान्य हो गई है और संकट से पहले जैसी स्थिति बहाल हो चुकी है।
इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 183 रुपए तक की कमी की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलेगी।
रेड्डी ने आगे कहा कि सरकार ने संकट के दौरान आम लोगों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उन्होंने बताया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमत लगभग 1,600 रुपए तक पहुंच गई थी, तब भी भारत में उपभोक्ताओं को यह सिलेंडर करीब 900 रुपए में उपलब्ध कराया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि किसी भी परिवार को एलपीजी की कमी का सामना न करना पड़े।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य लगभग चार महीने तक प्रभावित रहने के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह सुरक्षित रही। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन की कमी नहीं हुई और किसी भी घर में एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति बाधित नहीं हुई। यह सरकार की दूरदर्शी नीति और समय पर उठाए गए कदमों का परिणाम है।
जी. किशन रेड्डी ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि पिछले महीने उन्होंने देश में "आर्थिक सुनामी" आने और पेट्रोल-डीजल व एलपीजी की भारी कमी होने जैसी बातें कहकर लोगों और निवेशकों में डर का माहौल बनाने की कोशिश की थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार ने इन सभी आशंकाओं को गलत साबित किया। संकट के दौरान न तो देश में ईंधन की कमी हुई और न ही आम लोगों को किसी तरह की परेशानी का सामना करना पड़ा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चाहे कोविड-19 महामारी हो, रूस-यूक्रेन युद्ध हो या फिर पश्चिम एशिया का मौजूदा संकट, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा ऐसे फैसले लिए हैं, जिनसे देशवासियों के हितों की रक्षा हुई है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यह साबित किया है कि वह किसी भी वैश्विक संकट का प्रभावी ढंग से सामना करने में सक्षम है और देश के नागरिकों को समय पर राहत पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हमेशा देश के नागरिकों का हित रही है और यही सुशासन की सबसे बड़ी पहचान है।
--आईएएनएस
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