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इंडिया ब्लॉक में शामिल होने के लिए अखिलेश यादव से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं : स्वामी प्रसाद मौर्य

लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की। इसके बाद आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर बात की और सपा नेताओं के बयानों पर पलटवार भी किया।
 

लखनऊ, 3 नवंबर (आईएएनएस)। अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात की। इसके बाद आईएएनएस से बात करते हुए उन्होंने इंडिया गठबंधन में शामिल होने की संभावनाओं पर बात की और सपा नेताओं के बयानों पर पलटवार भी किया।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा था कि स्वामी प्रसाद मौर्य उनके गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं और न ही उनकी सीटों की गिनती में शामिल हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि हम गठबंधन में रहेंगे या नहीं रहेंगे, इसके लिए हमें अखिलेश यादव से सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने कहा कि पूरा इंडिया गठबंधन कांग्रेस के नेतृत्व में बना है, इसलिए इस पर फैसला कांग्रेस नेतृत्व ही करेगा। किसी अन्य दल के नेता को इस पर टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।

समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने बयान दिया था कि स्वामी प्रसाद मौर्य इंडिया गठबंधन में शामिल नहीं हो सकते। इस पर स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि जो लोग भाजपा को जिताने में मदद करना चाहते हैं, वे ही ऐसे बयान दे रहे हैं। वे चाहते हैं कि भाजपा सत्ता में बनी रहे, इसलिए जानबूझकर इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं, हालांकि जनता ऐसे नेताओं को नकार रही है।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि उन्होंने राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात के दौरान दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित ऐतिहासिक रैली की सफलता पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह रैली बदलाव का प्रतीक है और यह संकेत देती है कि देश एक बड़े परिवर्तन की ओर बढ़ रहा है। यह रैली लोकतंत्र की रक्षा के लिए आयोजित की गई थी और इसने पूरे देश में यह संदेश दिया है कि लोग लोकतंत्र को बचाने के लिए सड़कों पर उतरने को तैयार हैं।

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा कि पूरे देश के नेता राहुल गांधी हैं और देश के हीरो भी राहुल गांधी ही हैं। रामलीला मैदान की रैली नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर और कांग्रेस के नेतृत्व में हुई थी। यही कारण है कि उस रैली में 60 प्रतिशत भीड़ कांग्रेस की थी और शेष 40 प्रतिशत भीड़ गठबंधन के सहयोगी दलों की थी।

--आईएएनएस

पीआईएम/एबीएम