इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, राम मंदिर सहित कई मुद्दों पर चर्चा की मांग की
नई दिल्ली, 30 जुलाई (आईएएनएस)। संसद के मानसून सत्र के दौरान गुरुवार को विपक्षी दलों ने कई अहम मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी, कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, झारखंड मुक्ति मोर्चा और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी समेत विपक्षी दलों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से सदन में आकर जवाब देने की मांग की।
विपक्ष ने कथित पुलिस कार्रवाई, छात्रों पर लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल के साथ-साथ राम मंदिर के चढ़ावे और दान में कथित अनियमितताओं के मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा की मांग उठाई।
समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने आईएएनएस से बात करते हुए कहा कि मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संसद में कई गंभीर मुद्दे लंबित हैं, लेकिन केंद्रीय गृह मंत्री अब तक सदन में आकर जवाब देने से बच रहे हैं।
धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि संसद की कार्यवाही में अब तक गृह मंत्री ने कानून-व्यवस्था, फायरिंग, छात्रों पर लाठीचार्ज और अन्य महत्वपूर्ण मामलों पर कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया। जब तक विपक्ष को इन मुद्दों पर चर्चा का अवसर नहीं मिलेगा, तब तक समाजवादी पार्टी लगातार अपनी आवाज उठाती रहेगी।
सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने भी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ धोखा किया है। मंदिर के चढ़ावे और श्रद्धालुओं से एकत्रित दान की कथित लूट का मामला बेहद गंभीर है। इस मुद्दे को लेकर सपा सांसदों ने संसद परिसर में प्रदर्शन किया और सदन के भीतर भी चर्चा की मांग रखी।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है और जब तक इस कथित मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी तथा दोषियों को सजा नहीं मिलेगी, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
सपा सांसद वीरेंद्र सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बयान का समर्थन करते हुए सरकार पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जनता चाहती है कि सरकार अपना पक्ष स्पष्ट करे। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा पहले मुलायम सिंह यादव पर गोली चलाने के आरोप लगाती रही, लेकिन अब जब मौजूदा घटनाओं पर सवाल उठ रहे हैं तो सरकार अलग तर्क दे रही है। उन्होंने इसे भाजपा का दोहरा चरित्र बताया।
सपा सांसद अक्षय यादव ने भी कथित चढ़ावा चोरी मामले में दोषियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि बिना एफआईआर दर्ज किए विशेष जांच दल का गठन करना उचित नहीं था। उनका कहना था कि समाजवादी पार्टी पहले दिन से मांग कर रही थी कि किसी वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में एसआईटी गठित की जाए ताकि जांच निष्पक्ष हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने ऐसा नहीं किया और बाद में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद जांच प्रक्रिया आगे बढ़ी।
कांग्रेस सांसद रंजीत रंजन ने छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार की नैतिक जिम्मेदारी पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी मंत्रालय के अंतर्गत ऐसी घटनाएं होती हैं तो संबंधित मंत्री की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने पेपर लीक जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को जवाब देना चाहिए और जिम्मेदारी स्वीकार करनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने भी केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज जैसी घटनाओं के लिए जिम्मेदार लोगों को माफी मांगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पूरा विपक्ष केंद्रीय गृह मंत्री से सदन में आकर जवाब देने और माफी मांगने की मांग करेगा। सुरजेवाला ने राहुल गांधी का बचाव करते हुए कहा कि सच बोलने के लिए माफी नहीं मांगी जाती।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून बना देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा, बल्कि उन लोगों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जो पेपर लीक माफिया के संरक्षक हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष सरकार की जवाबदेही तय कराने के लिए संघर्ष कर रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी ने कहा कि उनकी पार्टी विपक्षी इंडिया ब्लॉक के साझा रुख के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता देशभर के छात्रों की भावनाओं को व्यक्त कर रहे हैं और छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से उठाया जाना चाहिए।
तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश यह जानना चाहता है कि छात्रों पर पैलेट गन और लाठीचार्ज क्यों किया गया। सरकार को इस पूरे मामले पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
वहीं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद पी. संतोष कुमार ने विपक्ष की दो प्रमुख मांगों को दोहराया। उन्होंने कहा कि पहली मांग यह है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर कथित पुलिस कार्रवाई पर बयान दें और दूसरी मांग राम मंदिर निर्माण कोष तथा चढ़ावा मामले पर संसद में विस्तृत चर्चा कराई जाए।
--आईएएनएस
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