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इंडिया ब्लॉक के विरोध मार्च पर भाजपा का पलटवार, केशव मौर्य बोले-सत्ता वियोग में पागल हो गई है कांग्रेस

लखनऊ, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च को लेकर एनडीए नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
 

लखनऊ, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया गठबंधन के विरोध मार्च को लेकर एनडीए नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

लखनऊ में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, "कांग्रेस सत्ता के वियोग में पागल हो गई है। वह लगातार कोशिश कर रही है कि राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा को लॉन्च कर दे और देश की जनता उन्हें स्वीकार कर ले लेकिन जनता उन्हें पूरी तरह से नकार रही है।"

केशव मौर्य ने कहा कि यदि विपक्ष के पास कोई ठोस विषय है तो उसे चुनाव आयोग के पास ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "खिसियानी बिल्ली खंभा नोचे वाली स्थिति है। ये लोग चुनाव में जीत नहीं पा रहे हैं और जनता की अदालत में कहीं ठहर नहीं पा रहे हैं, इसलिए इस तरह की हरकतें कर रहे हैं।"

वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने को कांग्रेस और उसके गठबंधन का पुराना शगल बताया। उन्होंने कहा, "जब ये चुनाव जीतते हैं तो संवैधानिक संस्थाओं पर कुछ नहीं बोलते। तमिलनाडु में जीते तो कुछ नहीं कहा, हिमाचल में जीते तो चुप रहे। केरल में जहां-जहां जीते हैं, वहां उन्होंने बहिष्कार क्यों नहीं किया? यह केवल चुनाव हारने का बहाना ढूंढना है। उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी प्रचंड बहुमत के साथ तीसरी बार सत्ता में आएगी।"

इस बीच, अलीगढ़ में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने भी इंडिया ब्लॉक के मार्च पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "ये लोग मारकाट पर विश्वास कर रहे हैं। पूरे देश को पता है कि कांग्रेस के कार्यकाल में ही पूरे सिस्टम पर उसका कब्जा था। उन्हीं के कार्यकाल में भाजपा पैदा हुई और देश में सरकार बना ली।"

राजभर ने उदाहरण देते हुए कहा, "उत्तर प्रदेश में 2012 से 2017 तक समाजवादी पार्टी की सरकार थी और उसी के नेतृत्व में चुनाव हुआ, फिर भी योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बन गए।" उन्होंने वोट चोरी के आरोपों को खारिज करते हुए कहा, "ज्ञानेश कुमार दो साल से सीईसी हैं। अगर वोट चोरी होती तो 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा 303 सीटें जीत रही थी, तो 2024 में 240 पर कैसे आ गई? चोरी करते तो सीटें बढ़तीं न कि घट जातीं।"

--आईएएनएस

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