इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के लिए सभी को साथ आना होगा: राशिद अल्वी
नई दिल्ली, 7 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने इंडिया गठबंधन की बैठक से पहले सहयोगी दलों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि भाजपा को सत्ता से दूर करने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ आना चाहिए।
कांग्रेस नेता राशिद अल्वी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बात करते हुए कहा, “मैं डीएमके से भी यही कहूंगा कि अगर उनका मकसद भारतीय जनता पार्टी का विरोध करना और सत्ता से दूर रखना है तो उन्हें इंडिया गठबंधन में शामिल होने पर फिर से विचार करना चाहिए।”
उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी (डीटीपी) प्रमुख एन. चंद्रबाबू नायडू का जिक्र करते हुए कहा कि अब वे भी एनडीए का हिस्सा हैं। भाजपा मुख्य रूप से उत्तर भारत की पार्टी है। दक्षिण भारत में इसकी स्थिति कमजोर है। भाजपा जहां मुसलमानों की संख्या ज्यादा है, वहीं सबसे मजबूत हुई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में यह मजबूत हुई है। जहां हिंदू समुदाय की संख्या ज्यादा है, वहां भाजपा के फलने-फूलने की संभावना नहीं है।”
सीपीआई (एम) द्वारा कांग्रेस को लिखे गए पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए राशिद अल्वी ने कहा कि चुनाव के दौरान पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ बोलती हैं, लेकिन अब देश और संविधान बचाने का समय है। उन्होंने क्षेत्रीय दलों से अपील की, “जो पार्टियां कांग्रेस छोड़कर चली गई थीं, उन्हें वापस आ जाना चाहिए। वरना भाजपा उन्हें एक-एक करके खत्म कर देगी।”
राशिद अल्वी ने जोर देकर कहा कि इंडिया अलायंस को मजबूत करके 2026-27 के चुनावों में बदलाव लाना है।
गाजियाबाद में सूर्य प्रताप चौहान हत्याकांड पर बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के ‘लव जिहाद’ वाले बयान पर राशिद अल्वी ने कहा, “मैं ऐसे लोगों पर टिप्पणी नहीं करता जो देश में नफरत फैला रहे हैं। उस हत्या की मैं कड़ी निंदा करता हूं। दोषियों को मौत की सजा मिलनी चाहिए, लेकिन सवाल यह है कि क्या कोर्ट सजा देंगे या सरकारें? उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। जब लोग एनकाउंटर की मांग करते हैं तो मुझे हैरानी होती है। तब तो कोर्ट बंद कर दीजिए, पुलिस और मुख्यमंत्री तय करें कि किसे गोली मारनी है।”
पश्चिम बंगाल में मदरसों के सर्वे पर अल्वी ने भाजपा पर हमला बोला। उन्होंने कहा, “जहां भी भाजपा की सरकार है, वहां मस्जिदों और मदरसों पर हमला होता है।”
--आईएएनएस
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